Robotic knee-hip replacement High-tech surgery will start in PGI Chandigarh, life of patients will become easier: रोबोटिक नी-हिप रिप्लेसमेंट (Robotic Knee-Hip Replacement) अब चंडीगढ़ के पीजीआई में जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। यह अत्याधुनिक तकनीक घुटने और हिप की सर्जरी को पहले से कहीं ज्यादा सटीक और तेज बनाएगी। हाल ही में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में पीजीआई के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रो. विजय के गोनी ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) समय की जरूरत है। यह तकनीक मरीजों को जल्दी रिकवरी और लंबे समय तक सक्रिय जीवन प्रदान करेगी। आइए, इस नई तकनीक के फायदों और भविष्य की संभावनाओं को समझते हैं।
Robotic knee-hip replacement: पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित पीजीआई में रोबोटिक नी-हिप रिप्लेसमेंट (Robotic Knee-Hip Replacement) को शुरू करने की योजना बन रही है। ऑर्थोप्लास्टी सोसाइटी ऑफ ट्राईसिटी के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में प्रो. विजय के गोनी ने बताया कि इस दिशा में पीजीआई प्रबंधन से बातचीत चल रही है। रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) न केवल समय बचाएगी, बल्कि सर्जरी की सटीकता को भी बढ़ाएगी। भविष्य में यह सर्जरी डे-केयर प्रक्रिया बन सकती है, यानी मरीज उसी दिन घर लौट सकेंगे। यह तकनीक मरीजों के लिए क्रांतिकारी साबित होगी।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे
रोबोटिक नी-हिप रिप्लेसमेंट (Robotic Knee-Hip Replacement) से सर्जरी का समय और जटिलताएं दोनों कम होंगी। यह प्रक्रिया मात्र डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की मदद से सर्जरी इतनी सटीक होगी कि मरीज सर्जरी के दो दिन बाद ही चलने-फिरने में सक्षम होंगे। इस तकनीक से जोड़ों का रिप्लेसमेंट इतना प्रभावी होगा कि मरीज लंबे समय तक आराम से चल सकेंगे। कुछ मरीज तो सर्जरी के बाद स्पोर्ट्स गतिविधियों (Sports Activities) में भी हिस्सा ले रहे हैं, जो इस तकनीक की सफलता को दर्शाता है।
बढ़ती उम्र और जॉइंट रिप्लेसमेंट की जरूरत
कॉन्फ्रेंस में गुड़गांव के डॉ. देवाशीष चंदा ने बताया कि भारत की 150 करोड़ आबादी में 20% लोग जल्द ही बुजुर्ग आयु वर्ग में होंगे। इनमें से 20% को जॉइंट रिप्लेसमेंट (Joint Replacement) की जरूरत पड़ेगी। खास तौर पर 6% लोगों को घुटने और हिप की सर्जरी की आवश्यकता होगी। रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) इस बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह तकनीक न केवल समय और लागत बचाएगी, बल्कि मरीजों को बेहतर जीवन गुणवत्ता भी देगी। यह खासकर बुजुर्गों के लिए वरदान साबित होगी।
विशेषज्ञों की राय
रोबोटिक नी-हिप रिप्लेसमेंट (Robotic Knee-Hip Replacement) स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति ला रहा है। कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए 100 से अधिक विशेषज्ञों ने इस तकनीक की तारीफ की। उन्होंने बताया कि यह सर्जरी मरीजों को तेज रिकवरी और लंबे समय तक सक्रिय जीवन प्रदान करती है। पीजीआई जैसे संस्थानों में इसकी शुरुआत चंडीगढ़ और आसपास के मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी। यह तकनीक चिकित्सा को और उन्नत करेगी। साथ ही, मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। भविष्य में यह सर्जरी और सुलभ और किफायती होगी।













