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Rohtak News: रोहतक में बच्चे दो महीने से दूध को तरसे, मिड-डे मील में सिर्फ कागजी वादे

On: सितम्बर 14, 2025 7:05 अपराह्न
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Rohtak News: रोहतक में बच्चे दो महीने से दूध को तरसे, मिड-डे मील में सिर्फ कागजी वादे
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Rohtak News, (रोहतक) : स्कूलों में मिड-डे मील के तहत बच्चों को मिलने वाला फ्लेवर्ड दूध दो महीने से गायब है। पहली से पांचवीं कक्षा के करीब 7.63 लाख बच्चों को जुलाई से दूध नहीं मिला है, जबकि छठी से आठवीं कक्षा के 6.19 लाख बच्चे भी इस योजना का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे। शिक्षा विभाग अब दो महीने बाद नींद से जागा है और उसने 2 सितंबर को हरियाणा डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के साथ 31 मार्च 2026 तक दूध सप्लाई का समझौता किया है। 12 सितंबर को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। आदेश तो 11 जुलाई से दूध देने का है, लेकिन बच्चों को अब सप्ताह में तीन की जगह सिर्फ दो दिन दूध मिलेगा। इस योजना से प्रदेश के 14.68 लाख बच्चों को लाभ मिलना है।

अब सिर्फ दो दिन मिलेगा दूध

मिड-डे मील में बच्चों को पोषण देने के लिए दूध को शामिल किया गया था। पहले सप्ताह में तीन दिन दूध देने का नियम था, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर इसे घटाकर दो दिन कर दिया है। यह नियम 11 जुलाई से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इसका असर प्रदेश के 14.63 लाख बच्चों पर पड़ेगा। बच्चों को मिलने वाला यह दूध उनके लिए पोषण का अहम स्रोत है, लेकिन सप्लाई में देरी ने इस योजना की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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कैल्शियम की कमी और सप्लाई में देरी

पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन 150 ग्राम और छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को 200 ग्राम दूध देने की योजना है, ताकि कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी दूर हो। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जुलाई से स्कूलों में दूध की सप्लाई पूरी तरह ठप है। पहली से पांचवीं के बच्चों को तो बिल्कुल दूध नहीं मिला, जबकि छठी से आठवीं के बच्चों को आंशिक रूप से दूध मिल रहा है। शिक्षा विभाग की लेटलतीफी और टेंडर प्रक्रिया में देरी का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। खासकर उन बच्चों को, जिनके लिए मिड-डे मील ही पौष्टिक भोजन का एकमात्र जरिया है।

बड़े सवाल जो बिना जवाब हैं

इस योजना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या बच्चों को पिछले दो महीनों का बकाया दूध मिलेगा? क्या दूध की मात्रा बढ़ाकर दी जाएगी या सप्ताह में दो दिन से ज्यादा बार दूध मिलेगा? पहले तीन दिन दूध देने का वादा था, अब दो दिन का आदेश आया है, तो बाकी दूध की पूर्ति कैसे होगी? ये सवाल बच्चों के पोषण से जुड़े हैं, लेकिन जवाब का इंतजार अब भी बाकी है।

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दिलजीत सिंह, डीईईओ, रोहतक ने कहा कि बच्चों को कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी दूर करने के लिए मिड-डे मील में दूध दिया जा रहा है। हरियाणा डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के साथ 31 मार्च 2026 तक दूध सप्लाई का समझौता हुआ है। आगे जो भी आदेश आएंगे, उनका पालन करते हुए सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।

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भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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