ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Satellite based tolling system: 1 मई से GPS टोल सिस्टम? केंद्र सरकार ने दी साफ-साफ जानकारी

On: April 18, 2025 7:16 PM
Follow Us:
Satellite based tolling system: 1 मई से GPS टोल सिस्टम? केंद्र सरकार ने दी साफ-साफ जानकारी
Join WhatsApp Group

Satellite based tolling system from May 1 2025 detail news: हाल ही में खबरें उड़ी थीं कि 1 मई 2025 से देशभर में सैटेलाइट आधारित टोल सिस्टम लागू हो जाएगा, जो मौजूदा फास्टैग सिस्टम को पूरी तरह बदल देगा। लेकिन केंद्र सरकार ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सैटेलाइट टोलिंग सिस्टम को लागू करने की कोई योजना नहीं है। इसके बजाय, टोल संग्रह को और सुगम बनाने के लिए कुछ टोल प्लाजा पर एक नया, उन्नत सिस्टम शुरू किया जाएगा। आइए, इस नए सिस्टम और सरकार के बयान की पूरी जानकारी समझते हैं।

Satellite based tolling system: सैटेलाइट टोलिंग की अफवाहों का खंडन

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 1 मई से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू होगा, जिसके तहत वाहनों से GPS के जरिए टोल वसूला जाएगा। इन खबरों ने वाहन चालकों में भ्रम पैदा कर दिया था। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “हम स्पष्ट करते हैं कि न तो मंत्रालय और न ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 1 मई से सैटेलाइट टोलिंग लागू करने का कोई निर्णय लिया है।” यह बयान उन लोगों के लिए राहत की खबर है जो फास्टैग सिस्टम के बदलने की आशंका से चिंतित थे।

15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया
15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया

नया टोलिंग सिस्टम: ANPR और फास्टैग का मिश्रण

मंत्रालय ने बताया कि टोल प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही और यात्रा समय को कम करने के लिए एक नया ‘ANPR-फास्टैग बेस्ट बैरियर-लैस टोलिंग सिस्टम’ शुरू किया जाएगा। यह सिस्टम ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और फास्टैग टेक्नोलॉजी का संयोजन है। ANPR हाई-परफॉर्मेंस कैमरों के जरिए वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेगा, जबकि फास्टैग रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) के जरिए टोल वसूलेगा। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और समय की बचत होगी। यह सिस्टम चुनिंदा टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगा।

टोल भुगतान न करने की सजा

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर कोई वाहन चालक टोल भुगतान से बचता है, तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा। इसके अलावा, उनके फास्टैग को रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह कदम टोल संग्रह में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करेगा। भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 855 टोल प्लाजा हैं, जिनमें 675 सरकारी और 180 से अधिक निजी ऑपरेटरों द्वारा संचालित हैं। हाल ही में, NHAI ने बढ़ती लागतों के कारण टोल शुल्क में 4-5% की वृद्धि की थी, जिसका असर वाहन चालकों पर पड़ रहा है।

दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा सबवे बनेगा, राजीव चौक से एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान
दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा सबवे बनेगा, राजीव चौक से एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान

नया सिस्टम क्यों जरूरी?

मौजूदा फास्टैग सिस्टम ने टोल संग्रह को डिजिटल और तेज बनाया है, लेकिन कुछ टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम और तकनीकी समस्याएं अभी भी चुनौती हैं। ANPR-फास्टैग सिस्टम इन समस्याओं को हल करने का प्रयास है। यह न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि टोल संग्रह की दक्षता भी बढ़ाएगा। मंत्रालय का कहना है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा, लेकिन सैटेलाइट टोलिंग अभी भविष्य की बात है।

वाहन चालकों के लिए राहत

केंद्र सरकार का यह स्पष्टीकरण वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। फास्टैग सिस्टम अभी भी बना रहेगा, और नया ANPR-फास्टैग सिस्टम यात्रा को और आसान बनाएगा। अगर आप नियमित रूप से राजमार्गों पर यात्रा करते हैं, तो अपने फास्टैग को रिचार्ज रखें और टोल भुगतान समय पर करें, ताकि जुर्माने से बचा जा सके। यह बदलाव टेक्नोलॉजी और सुविधा का एक नया कदम है, जो भारतीय सड़कों को और स्मार्ट बनाएगा।

दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment