School Closed in Punjab Security alert in Gurdaspur, Pathankot, Ferozepur and Fazilka after Operation Sindoor: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर अपनी ताकत का परिचय दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने 6-7 मई 2025 की मध्यरात्रि को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इस ऑपरेशन के बाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नतीजतन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का में स्कूल और कॉलेज बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह लेख आपको इस फैसले और इसके पीछे की वजहों की पूरी जानकारी देगा।
School Closed: पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद, किन जिलों में लागू?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। पंजाब प्रशासन ने गुरदासपुर, पठानकोट और फिरोजपुर में सभी स्कूल और कॉलेज को 7 मई से 9 मई 2025 तक तीन दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। वहीं, फाजिल्का जिले में स्कूल और कॉलेज अगले आदेशों तक बंद रहेंगे। यह फैसला बच्चों, छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन जिलों की सीमा पाकिस्तान से सटी हुई है, और ऑपरेशन के बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा पुंछ-राजौरी क्षेत्र में सीजफायर उल्लंघन ने तनाव को और बढ़ा दिया है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
Operation Sindoor आतंकवाद पर भारत का करारा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की एक सुनियोजित कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले के जिम्मेदार आतंकी संगठनों को सबक सिखाना था। ये ठिकाने पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट और PoK के मुजफ्फराबाद, बाघ, कोटली, गुलपुर, भीमबेर में थे। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 17 आतंकी मारे गए और 60 घायल हुए। भारत ने साफ किया कि यह कार्रवाई केवल आतंकी ढांचों के खिलाफ थी, और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया। इस ऑपरेशन ने आतंकी संगठनों को गहरा झटका दिया और पाकिस्तान में खलबली मचा दी।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने ली थी। ऑपरेशन सिंदूर इस हमले का जवाब था, जिसका नाम शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की याद में रखा गया। ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन और संभावित जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया था। स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।












