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SSC Normalization: नया नियम! अब परीक्षा की शिफ्ट आसान हो या मुश्किल, नहीं पड़ेगा कोई फर्क

On: सितम्बर 14, 2025 5:41 पूर्वाह्न
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SSC Normalization: नया नियम! अब परीक्षा की शिफ्ट आसान हो या मुश्किल, नहीं पड़ेगा कोई फर्क
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SSC Normalization: New rule! Now whether the exam shift is easy or difficult, it will not make any difference: नई दिल्ली: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अपनी भर्ती परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब आयोग ने एक नई और आधुनिक पद्धति अपनाई है, जिसका नाम है इक्विपरसेंटाइल।

SSC का कहना है कि यह नई पद्धति सुनिश्चित करेगी कि किसी भी शिफ्ट में सवालों की कठिनाई के कारण कोई भी अभ्यर्थी नुकसान में न रहे। यानी, अगर किसी शिफ्ट में सवाल ज्यादा मुश्किल आए, तो उसका असर आपके रैंक पर नहीं पड़ेगा।

क्यों जरूरी है नॉर्मलाइजेशन? SSC Normalization

जब SSC की परीक्षाएं कई शिफ्ट्स में होती हैं, तो हर शिफ्ट में सवालों का स्तर अलग हो सकता है। कुछ शिफ्ट्स में पेपर आसान होता है, तो कुछ में मुश्किल। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों को एक समान मौका देने के लिए नॉर्मलाइजेशन की जरूरत पड़ती है।

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इसका मतलब है कि अलग-अलग शिफ्ट्स में मिले अंकों को एक समान पैमाने पर लाया जाता है, ताकि सभी की तुलना निष्पक्ष हो सके।

पहले कैसे होता था नॉर्मलाइजेशन?

पहले नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया में सभी शिफ्ट्स के टॉप स्कोर, औसत अंक और अंकों के अंतर को ध्यान में रखा जाता था। लेकिन अब SSC ने इस पुरानी पद्धति को अलविदा कह दिया है।

आयोग ने 2 जून को अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी कर नई इक्विपरसेंटाइल पद्धति की जानकारी दी है। इस नई प्रणाली में अंकों को औसत या अंतर के आधार पर समायोजित करने के बजाय, हर शिफ्ट में अभ्यर्थियों की रैंकिंग या परसेंटाइल पर ध्यान दिया जाता है।

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नया नॉर्मलाइजेशन कैसे काम करेगा?

नई इक्विपरसेंटाइल पद्धति में अभ्यर्थी की अपनी शिफ्ट में रैंकिंग सबसे महत्वपूर्ण होगी। इसे परसेंटाइल स्कोर के जरिए समझा जाता है।

आसान शब्दों में कहें, अगर एक शिफ्ट में कोई अभ्यर्थी 80% से ज्यादा अंक लाता है, तो उसका मिलान दूसरी शिफ्ट में 80% से ज्यादा अंक लाने वाले अभ्यर्थी से होगा। इस तरह, हर शिफ्ट में अभ्यर्थियों की सापेक्ष स्थिति के आधार पर अंकों की तुलना की जाएगी। इससे शिफ्ट की कठिनाई का कोई असर नहीं पड़ेगा, और सभी को बराबर मौका मिलेगा।

SSC का यह नया कदम अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव है। यह सुनिश्चित करेगा कि कठिन या आसान पेपर के कारण किसी का नुकसान न हो। अगर आप SSC की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस नई पद्धति को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

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मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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