Strictness on social media in Haryana: 620 accounts on radar, great step: हरियाणा में सोशल मीडिया (social media) पर आपत्तिजनक कंटेंट (objectionable content) के खिलाफ सरकार और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। अपराध अन्वेषण विभाग (CID) को सोशल मीडिया से गैर-जिम्मेदाराना सामग्री हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि देश और प्रदेश की सुरक्षा व गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को रोका जा सके। यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय 620 अकाउंट्स पुलिस के रडार पर हैं। आइए, इस अभियान की पूरी कहानी और इसके प्रभाव को समझते हैं।
सोशल मीडिया पर सख्ती: 620 अकाउंट्स रडार पर Strictness on social media
हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया (social media) पर हिंसा, भड़काऊ सामग्री, और उपद्रव फैलाने की संभावना वाले कंटेंट पर नजर रखने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है।
खुफिया विभाग ने 220 ऐसे अकाउंट्स को चिह्नित किया है, जो हिंसा या सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि 400 अकाउंट्स उपद्रव फैलाने वाली सामग्री (objectionable content) अपलोड करने में शामिल हैं। इन अकाउंट्स की 24 घंटे निगरानी (monitoring) की जा रही है। सीआईडी को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो इन अकाउंट्स पर नजर रखने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई (legal action) भी सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री सैनी के निर्देश: SOP की तैयारी
हाल ही में हरियाणा में पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश और प्रदेश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले यूट्यूब चैनल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बंद कराया जाए। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह कदम समाज में शांति और सुरक्षा (peace and security) बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पिछले 10 सालों में पुलिस की कार्रवाई
पिछले एक दशक में हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली सामग्री (hate speech) और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इस दौरान 297 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें से 87.87% मामलों को तुरंत हल किया गया। 472 आरोपियों को गिरफ्तार (arrest) किया गया, जो समाज में अशांति फैलाने की कोशिश में शामिल थे।
इसके अलावा, हरियाणा साइबर पुलिस ने 502 सोशल मीडिया हैंडल्स के यूआरएल को इंटरनेट से हटवाया। खासकर, बदमाशी को बढ़ावा देने वाले गानों और यूट्यूब चैनलों पर सख्ती की गई, जिसमें हरियाणवी गायक मासूम शर्मा जैसे कुछ चैनल भी बंद किए गए।
गैंगस्टरों की पोस्ट पर नजर, युवाओं की काउंसलिंग
सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों की पोस्ट को लाइक और शेयर करने वालों पर भी हरियाणा पुलिस की क्राइम ब्रांच की पैनी नजर है। ऐसी पोस्ट अक्सर युवाओं को गुमराह करती हैं और उन्हें अपराध (crime) की ओर आकर्षित करती हैं।
पुलिस ने ऐसे युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग (counseling) शुरू की है, ताकि उन्हें सही दिशा में लाया जा सके। यह पहल न केवल अपराध को रोकने में मदद कर रही है, बल्कि युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित भी कर रही है।
साइबर पुलिस की 24 घंटे निगरानी
हरियाणा साइबर पुलिस (cyber police) की एक विशेष सोशल मीडिया विंग 24 घंटे निगरानी (monitoring) करती है। यह विंग यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक कंटेंट की जांच करती है और उसे तुरंत हटाने के लिए कदम उठाती है।
सीआईडी के नेतृत्व में यह अभियान समाज में शांति और सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गैर-जिम्मेदाराना सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (legal action) हो।
समाज के लिए एक सकारात्मक कदम
हरियाणा सरकार और पुलिस का यह अभियान सोशल मीडिया को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आपत्तिजनक कंटेंट (objectionable content) और नफरत फैलाने वाली सामग्री को रोककर सरकार न केवल समाज में शांति बनाए रख रही है, बल्कि युवाओं को अपराध से दूर रखने में भी मदद कर रही है। यह पहल हरियाणा के लोगों के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक डिजिटल माहौल (digital environment) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
हरियाणा में सोशल मीडिया (social media) पर सख्ती का यह अभियान न केवल सुरक्षा (security) को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज में जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को भी प्रोत्साहित करेगा। 620 अकाउंट्स पर नजर, 502 यूआरएल हटाए जाने, और 472 गिरफ्तारियां इस बात का सबूत हैं कि हरियाणा पुलिस इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में तैयार हो रहे SOP से यह सुनिश्चित होगा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों को कड़ी सजा मिले। यह कदम हरियाणा के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।








