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Vegetable Price Hike: चंडीगढ़ में सब्जियों की कीमतें आसमान पर! बाढ़ ने तोड़ी सप्लाई की कमर

On: सितम्बर 1, 2025 8:20 पूर्वाह्न
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Vegetable Price Hike: चंडीगढ़ में सब्जियों की कीमतें आसमान पर! बाढ़ ने तोड़ी सप्लाई की कमर
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Vegetable Price Hike (चंडीगढ़) : पंजाब के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति, हिमाचल में बादल फटने और फ्लैश फ्लड से कई सड़कें बंद हैं। चंडीगढ़ में आने वाली कई सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हुई है। साथ ही समय पर फसल नहीं लगने से नवंबर और दिसंबर महीने में भी इसका असर दिखेगा। पहले टमाटर के रेट बहुत ज्यादा हो गए थे, अब बेंगलुरु की तरफ से टमाटर की सप्लाई शुरू हो गई है।

इसके चलते टमाटर के क्रेट का रेट 700-800 रुपए यानी 30-35 रुपए प्रति किलोग्राम तक आ गया है। लेकिन मटर, फूलगोभी, ब्रॉकली और शिमला मिर्च की सप्लाई हिमाचल में कई सड़कें बंद होने से प्रभावित हुई है। मटर अभी काजा की तरफ से आ रहा है, लेकिन इसका होल सेल रेट ही करीब 150 रुपए प्रति किलोग्राम है।

बाढ़ ने बिगाड़ा सब्जियों का खेल

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मार्केट में फ्रोजन मटर का रेट 100-110 रुपए प्रति किलोग्राम तक है। गोभी की सप्लाई हिमाचल के बजाय अब पुष्कर से हो रही है। होलसेल रेट करीब 50-60 रुपए प्रति किलोग्राम तक है। लोगों तक रिटेल में काफी महंगे रेट पर गोभी पहुंच पा रही है। अरिहंत वेजिटेबल्स आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी कस्तूरी लाल शर्मा कहते हैं कि अभी जो स्थिति पंजाब और हिमाचल की है, इससे आने वाले दिनों में भी कई तरह की सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

किसान ज्यादा बारिशों और बाढ़ के चलते मटर की फसल नहीं लगा पाए हैं। हर साल लगभग इसी समय मटर की फसल लग जाती थी, जो नवंबर के पहले हफ्ते से मंडी में आनी शुरु होती थी।

सीटीयू के रूट भी प्रभावित भेजी जा रही हैं बसें

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सीटीयू की बसें हिमाचल और पंजाब में भी कई जगहों के लिए चलती हैं। बारिश के चलते हिमाचल के कई रूट फिलहाल प्रभावित हैं। यही हाल पंजाब का भी है। सीटीयू के अफसरों के मुताबिक अभी डे टू डे बेस पर तय कर रहे हैं कि किस रूट पर बसें भेजनी हैं या नहीं। इसमें संबंधित रूट की क्लीयरेंस को लेकर पहले संबंधित राज्य या जिले से अथॉरिटी से बातचीत कर जानकारी ली जाती है।

इसके बाद ही उस रूट पर बस भेजने पर फैसला होता है। डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट प्रदुमन सिंह के मुताबिक डिपार्टमेंट साथ लगते राज्य जहां सीटीयू की बसें जाती हैं, वहां की स्थिति की रेगुलर मॉनटिरिंग कर रहा है। पूरी जानकारी आने के बाद ही बसों को चलाने पर तय किया जा रहा के एरिया बुरी तरह से प्रभावित हैं तो या है।

अभी हिमाचल प्रदेश में कई तरफ तो वहां के लिए बसें चलाई नहीं जा रही या फिर जहां तक सेफ्टी के साथ बसें सवारियों को पहुंचा सकती हैं, वहां तक पहुंचाया जा रहा है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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