World COPD Day: पर्यावरण प्रदूषण के साथ श्वास रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में सीओपीडी ( क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के लगभग 25 मरीज पहुंच चुके हैं।
पहले यहां दो या तीन मरीज ही आ पाते थे। अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट और फिजिशियन के पास दिन-प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ने लगी है। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बलगम और सांस फूलने से समस्या से जूझ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में दिवाली के बाद से ही सीओपीडी के मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग छाती में बलगम ( कफ ) जमने के कारण सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं।
शुरुआती लक्षण
सांस लेने में समस्या होना
छाती में कफ जम जाना
सीधा लेटने में परेशानी होना
बोलते समय व सांस लेते समय सी-सी की आवाज आना
बचने के उपाय
घर से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें
धूम्रपान और ऐल्कोहॉल के सेवन से बचे
दिनचर्या में योग जरूर शामिल करें
सुबह व शाम के समय धुआं और धूल होने से घर पर ही एक्सरसाइज करें
शुरूआती लक्षण में ही चिकित्सक से परामर्श करें
तीन प्रकार की एक्सरसाइज जरूरी
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों को तीन प्रकार की एक्सरसाइज अवश्य करनी चाहिए। मुंह से बार-बार गुब्बारे फुलाना, छोटे बच्चों की तरह पानी के बुलबुले फुलाकर छोड़ना और सांस अंदर खींचकर मुंह से सीटी की आवाज में बाहर निकालना।
इन तीनों एक्सरसाइज से अंदर से जोर लगाकर सांस बाहर छोड़ना पड़ता है जिससे हमारी छाती में जमा बलगम बाहर निकलता है और हम अच्छे से सांस ले पाते हैं।
दिवाली के बाद से ही सांस संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। ज्यादातर बच्चे व बुजुर्ग इससे ग्रस्त मिलते हैं। अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में सीओपीडी के लगभग 25 मरीज पहुंच चुके हैं।
अस्थमा व सामान्य लोगों को भी प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और सुबह व शाम घर पर ही एक्सरसाइज करनी चाहिए।
World COPD Day: सांस लेने में हो रही परेशानी
गगसीना से इलाज के लिए पहुंचे 49 वर्षीय बलिंद्र ने बताया कि उसे दिवाली के बाद से ही सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सीढि़यां चढ़ते समय उसकी सांस फूलने लग गई है। इसलिए वे पहले घरौंडा इलाज के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां से उन्हें पानीपत जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया।
अब वे यहां इलाज के लिए पहुंचे। मॉडल टाउन की 52 वर्षीय शशि ने बताया कि उसे सीढ़ी चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या लगभग पांच साल से है लेकिन दिवाली के बाद तो यह समस्या ओर बढ़ गई है।
अब वह जिला नागरिक अस्पताल इलाज के लिए पहुंची है। फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें कुछ एक्सरसाइज करके दिखाई हैं जिन्हें अब वह प्रतिदिन करेगी ताकि सांस की समस्या से निजात मिल सके।












