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Crop compensation: सोम नदी की रेत ने निगल लिए खेत, मुआवजे के इंतजार में यमुनानगर के किसान

On: नवम्बर 14, 2025 6:56 अपराह्न
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Crop compensation: सोम नदी की रेत ने निगल लिए खेत, मुआवजे के इंतजार में यमुनानगर के किसान
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यमुनानगर (crop compensation)। भारी बरसात से इस बार सैकड़ों खेत बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इससे न केवल खेतों में रेत की मोटी परत चढ़ गई, बल्कि इनमें खड़ी फसल भी पानी में ही समा गई। व्यासपुर खंड का मलिकपुर बांगर तो ऐसा गांव है जहां आज भी सोम नदी में आए उफान का पानी भरा हुआ है। इसकी खेतों से पानी की निकासी अभी तक नहीं हो पाई है। पिछले तीन महीने से खेतों में भरे पानी की निकासी के लिए अब भी प्रयास नहीं किए जा रहे।

खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो गई। सरकार ने सर्वे करवाकर जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। सर्वे तो हुआ लेकिन मुआवजा अभी तक हाथ में नहीं आया है। जिस कारण किसानों की आर्थिक हालत पूरी तरह से खराब हो रही है। इस बार मानसून में आई तेज बारिश व बाढ़ से जिले के 527 गांवों में 3544 किसानों की 14296 एकड़ में खड़ी धान, गन्ना व पशु चारे की फसल खराब हुई थी।

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Crop compensation: मुआवजे का बेसब्री से इंतजार

बसातियांवाला गांव के किसान मेवा राम का कहना है कि किसानों पर इस बारिश की दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ तो फसल बर्बाद हुई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में रेत जमा होने से अन्य फसलों की बिजाई तक नहीं कर पा रहे। उनके गांव के रकबा से सोम नदी बहती है। सोम में इस बार इतना पानी आया कि पहले कभी नहीं देखा। सोम के पानी के साथ बहकर आई रेत ने फसलों को दबा कर खराब कर दिया। परंतु अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।

पता नहीं कब मिलेगा मुआवजा

किसान निरमपाल का कहना है कि किसानों की सुध नहीं ली जा रही है। खेतों में सोम नदी का रेत जमा होने से उनकी सारी फसल खराब हो गई। पता नहीं मुआवजा कब मिलेगा। तहसील कार्यालयों में जाते हैं तो वहां से कहा जाता है कि उनकी रिपोर्ट जा चुकी है। अब मुआवजा देना सरकार का काम है। कई बार खातों की डिटेल देख चुके हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे की राशि नहीं आई है।

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आश्वासन ही मिल रहे हैं

किसान रणबीर सिंह का कहना है कि इस बार सोम नदी की बाढ़ से काफी नुकसान हुआ। फसलों को हुए नुकसान और घर चलाने की चिंता में किसान रात को चैन से नींद तक नहीं ले पा रहे हैं। बार-बार अपने व पड़ोसी गांव के किसानों से पूछते रहते रहते हैं कि मुआवजा कब तक आ जाएगा। परंतु किसी के पास कोई जवाब नहीं है। कई बार एसडीएम कार्यालय व तहसील में भी जा चुके हैं, लेकिन वहां से भी केवल आश्वासन ही मिलता है, लेकिन मुआवजा नहीं।

घर का खर्च चलाना हुआ मुश्किल

बसातियांवाला गांव के किसान सुखविंद्र का कहना है कि सोम नदी के पानी और इसके साथ बह कर आई रेत ने इस बार फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। सोचा था कि सरकार गिरदावरी करवा कर जल्द ही मुआवजा दे देगी, परंतु अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। बिना पैसे के घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द मुआवजा खातों में भेजना चाहिए।

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राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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