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Yogini Ekadashi Kab Hai 2025: योगिनी एकादशी सही तारीख, पूजा विधि और महत्व जानें

On: June 13, 2025 1:30 PM
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Yogini Ekadashi Kab Hai 2025: योगिनी एकादशी सही तारीख, पूजा विधि और महत्व जानें
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Yogini Ekadashi Kab Hai 2025: योगिनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु की भक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का पवित्र अवसर है। यह व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है, जो स्वर्गलोक और सुख-शांति का द्वार खोलता है। इस साल योगिनी एकादशी 21 जून को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य देता है। आइए, इस व्रत की सही तारीख, पूजा विधि और महत्व के बारे में जानें।

Yogini Ekadashi Kab Hai 2025: योगिनी एकादशी मुहूर्त

योगिनी एकादशी 2025 (Yogini Ekadashi 2025) 21 जून को सुबह 7:18 बजे शुरू होगी और 22 जून को सुबह 4:27 बजे समाप्त होगी। व्रत का पारण 22 जून को दोपहर 1:47 बजे से शाम 4:35 बजे तक किया जाएगा। यह समय भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए शुभ माना जाता है। सही मुहूर्त का पालन कर व्रत को और फलदायी बनाएं। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान की कृपा पाते हैं।

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पूजा विधि: भक्ति से करें शुरुआत

योगिनी एकादशी की पूजा (Yogini Ekadashi Puja Vidhi) में सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर पीले वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित कर दीप, धूप, पुष्प और तुलसी अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। दिनभर फलाहार या निर्जला व्रत रखें। शाम को पीपल की पूजा करें और रात में भजन-कीर्तन करें। अगले दिन दान देकर व्रत खोलें।

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योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi Ka Mahatva) को मोक्षदायिनी एकादशी भी कहते हैं। यह व्रत पापों से मुक्ति और जीवन में शांति लाता है। शास्त्रों की कथा के अनुसार, इस व्रत से भयंकर श्राप भी टल जाते हैं। भक्तों को रोग, दरिद्रता और बाधाओं से छुटकारा मिलता है। यह व्रत तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। भगवान विष्णु की भक्ति से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति का अनमोल अवसर है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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