Ashes 2025-26 में पर्थ टेस्ट की हार के बाद माइकल वॉन ने इंग्लैंड टीम को चेतावनी दी कि पिंक-बॉल वार्म-अप न खेलना उनके लिए ‘नौसिखियापन’ होगा।
एशेज 2025-26 के पहले टेस्ट में इंग्लैंड को बड़ी निराशा हाथ लगी। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबला सिर्फ दो दिनों के अंदर खत्म कर दिया। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 205 रन के टारगेट को ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे ही दिन 28.2 ओवर में आठ विकेट से आसानी से हासिल कर लिया।
हार चुभने वाली थी, लेकिन पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इंग्लैंड से कहा कि वे इस हार से मिले एक्स्ट्रा समय का सही उपयोग करें और अगले टेस्ट की तैयारी मजबूत बनाएं।
Ashes 2025-26: पिंक-बॉल वार्म-अप की सलाह
दूसरा टेस्ट 4 दिसंबर से ब्रिस्बेन के गाबा में पिंक बॉल के साथ खेला जाएगा। वॉन का मानना है कि बिना पिंक-बॉल अनुभव के इतने अहम डे-नाइट टेस्ट में उतरना इंग्लैंड के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
टेस्ट मैच स्पेशल से बातचीत में वॉन ने साफ कहा
“अगर इंग्लैंड अब और तब के बीच बाहर जाकर प्रैक्टिस नहीं करता है, तो यह नौसिखिएपन जैसा होगा।”
उन्होंने सवाल उठाया कि टीम इतनी बड़ी चुनौती वाली परिस्थितियों में बिना पिंक-बॉल वार्म-अप के क्यों उतरना चाहेगी।
“दो दिन लाइट में खेलने में क्या दिक्कत?” वॉन
वॉन ने आगे कहा
“पिंक गेंद से दो दिन लाइट में क्रिकेट खेलने में क्या नुकसान है? खिलाड़ियों को खेलकर ही सुधार मिलेगा।”
उनकी बात में दम भी है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया पिंक-बॉल टेस्ट में लगभग अजेय रही है। कंगारुओं ने अब तक खेले 14 में से 13 डे-नाइट टेस्ट अपने नाम किए हैं जिनमें इंग्लैंड के खिलाफ तीन जीत भी शामिल हैं।
वॉन का मानना है कि पिंक-बॉल वार्म-अप मैच इंग्लैंड के खिलाड़ियों को गाबा की मुश्किल परिस्थितियों को समझने का बेहतरीन मौका देगा।
दूसरी टेस्ट की चुनौती और कठिन
पर्थ टेस्ट में इंग्लैंड की बल्लेबाजी बुरी तरह बिखर गई। टीम सिर्फ 67.3 ओवर में दो बार ऑलआउट हो गई। अब गाबा में डे-नाइट मुकाबले में चुनौती और बढ़ने वाली है, क्योंकि पिंक बॉल आमतौर पर तेज़ गेंदबाज़ों को और घातक बना देती है।
ब्रिस्बेन से पहले इंग्लैंड का एकमात्र मैच 29 नवंबर को प्राइम मिनिस्टर XI के खिलाफ होगा और उसमें भी मुख्य टेस्ट टीम के खिलाड़ी हिस्सा नहीं लेंगे। यही वजह है कि वॉन चाहते हैं कि इंग्लैंड अतिरिक्त पिंक-बॉल प्रैक्टिस करे।













