विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का मेगा ऑक्शन इस बार कई चौंकाने वाले फैसलों का गवाह बना। जहां कुछ खिलाड़ियों पर उम्मीद के मुताबिक बड़ी रकम खर्च हुई, वहीं कुछ ऐसे नाम भी रहे जिन्हें बेहद कम दाम पर खरीदा गया और यह सौदे टीमों के लिए असली फायदेमंद निवेश साबित हो सकते हैं।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इन तीन खिलाड़ियों की कीमत भले ही कम रही हो, लेकिन मैदान पर इनकी प्रभाव क्षमता कहीं अधिक है।
क्यों मायने रखते हैं ये कम बजट वाले सौदे
ऑक्शन में कम कीमत पर खिलाड़ी जोड़ने से टीमों को अन्य प्रमुख खिलाड़ियों पर निवेश करने के लिए स्पेस मिलता है। साथ ही ऐसी प्रतिभाएं अक्सर पूरे टूर्नामेंट में गेम चेंजर साबित होती हैं।
वुमेंस क्रिकेट बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है और ऐसे में सही समय पर सही खिलाड़ी को साइन करना किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. क्रांति गौड़
बेस प्राइस में मिली प्रतिभा
तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को यूपी वारियर्स ने राइट टू मैच का इस्तेमाल करते हुए उनके शुरुआती मूल्य पचास लाख रुपये में दोबारा टीम में शामिल कर लिया।
क्रांति को लेकर उम्मीद थी कि उन पर अच्छी बोली लगेगी क्योंकि उन्होंने पिछले सीजन में छह मैचों में आठ विकेट लिए थे। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ हालिया अंतरराष्ट्रीय मैच में छह विकेट की उनकी गेंदबाजी ने उनका नाम और ऊंचा कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन
क्रांति ने 2025 महिला वनडे विश्व कप में भी शानदार प्रदर्शन दिखाया था। उन्होंने आठ मैचों में नौ विकेट चटकाए और पाकिस्तान के खिलाफ तीन रन देकर बीस रन की यादगार गेंदबाजी की।
इसके बावजूद बोली कम लगना कई विशेषज्ञों को हैरान कर गया और इसे यूपी टीम की शानदार रणनीति माना जा रहा है।
2. सोफी एक्लेस्टोन
अंतरराष्ट्रीय स्टार का सस्ता सौदा
इंग्लैंड की प्रमुख गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन को यूपी वारियर्स ने सिर्फ पचासी लाख रुपये में वापस हासिल किया। चर्चा थी कि उनकी फॉर्म और उनकी विकेट लेने की क्षमता देखते हुए टीमें बड़ी रकम लगाने की कोशिश करेंगी, मगर ऑक्शन में ऐसा देखने को नहीं मिला।
आंकड़े बताते हैं उनकी ताकत
सोफी अब तक WPL में पच्चीस मैचों में छत्तीस विकेट ले चुकी हैं और उनकी इकॉनमी साढ़े छह के आसपास रही है।
2025 विश्व कप में उन्होंने सात मैचों में सोलह विकेट हासिल कर अपनी फिटनेस और निरंतरता दोनों का सबूत दिया।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतने प्रभावशाली खिलाड़ियों का कम दाम में मिलना किसी भी टीम के लिए बहुत बड़ा फायदा है और यूपी ने इसका पूरा लाभ उठाया।
3. हरलीन देओल
भरोसेमंद भारतीय बल्लेबाज हुईं यूपी की ताकत
मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हरलीन देओल को यूपी ने सिर्फ पचास लाख रुपये खर्च कर अपनी टीम में शामिल कर लिया।
हरलीन पिछले तीन सीजन से गुजरात जायंट्स की सबसे स्थिर बल्लेबाजों में गिनी जाती थीं, जहां उन्होंने बीस मैचों में चार सौ बयासी रन बनाए और तीस से अधिक का औसत बनाए रखा।
हालिया फॉर्म
2025 सीजन में हरलीन ने दो सौ बत्तीस रन जुटाए और एक महत्वपूर्ण अर्धशतक भी लगाया।
उनका रिलीज होना कई प्रशंसकों के लिए अप्रत्याशित था, लेकिन यूपी ने इस मौके को बेहतरीन तरीके से भुनाया। उनकी मौजूदगी टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेगी और दबाव वाली परिस्थितियों में उपयोगी साबित होगी।
यूपी वारियर्स की रणनीति क्यों हुई सफल
तीन प्रभावशाली खिलाड़ियों को सीमित बजट में जोड़कर यूपी वारियर्स ने एक संतुलित और गहरी टीम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये खिलाड़ी आने वाले सीजन में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और यही बात उन्हें ऑक्शन की सबसे समझदार खरीद बनाती है।












