Child Marriage: 14 year old girl becomes mother, husband and mother-in-law arrested in Sonipat: बाल विवाह 2025 (Child Marriage 2025) की एक दिल दहला देने वाली घटना पानीपत से सामने आई है। 14 साल की एक लड़की, जिसकी 13 साल की उम्र में सोनीपत में शादी कर दी गई थी, ने हाल ही में एक बेटे को जन्म दिया।
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन इस घटना ने समाज और प्रशासन को झकझोर दिया है। सोनीपत पुलिस ने लड़की के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शादी करवाने वाले बुआ-फूफा फरार हैं। यह कहानी न केवल बाल विवाह (child marriage) की क्रूरता को उजागर करती है, बल्कि समाज में जागरूकता की जरूरत को भी रेखांकित करती है। आइए, इस मामले को विस्तार से समझें।
एक दर्दनाक बचपन और जबरन शादी Child Marriage
लड़की की जिंदगी शुरुआत से ही संघर्षों से भरी रही। पांच साल की उम्र में उसे पता चला कि उसकी बुआ और फूफा ही उसके पालक माता-पिता हैं। असली माता-पिता के बारे में उसे अधूरी और दुखद कहानियां सुनाई गईं। फूफा की शराब की लत और ताने ने उसका बचपन छीन लिया।
स्कूल जाने का मौका नहीं मिला, और सात साल की उम्र से उसे घरेलू काम सिखाए गए। 12 साल की उम्र में फूफा ने शादी का दबाव बनाना शुरू किया। 13 साल की उम्र में सोनीपत के गन्नौर में उसकी शादी (child marriage) एक 23 साल के लड़के से कर दी गई। लड़की को शादी का मतलब तक नहीं पता था, जिसने उसकी जिंदगी को और जटिल बना दिया।
गर्भावस्था और पुलिस की कार्रवाई
14 साल की उम्र में लड़की को गर्भावस्था (teenage pregnancy) का पता चला, जब सात महीने की गर्भवती होने पर उसकी जेठानी उसे सरकारी अस्पताल ले गई। अस्पताल ने उसकी कम उम्र देखकर पुलिस को सूचना दी। सोनीपत पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और लड़की के पति, सास, बुआ, और फूफा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
पति और सास को गिरफ्तार (arrest in child marriage case) कर लिया गया, जबकि बुआ-फूफा फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। मां और नवजात को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, और दोनों की हालत स्थिर है।
समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी
इस घटना ने बाल विवाह (Child Marriage 2025) के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को फिर से उजागर किया है। नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या ने लड़की से मुलाकात की और उसकी मदद का भरोसा दिलाया। सविता ने कहा, “यह लड़की सिस्टम की विफलता की शिकार है।
हम उसके भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” प्रशासन और सामाजिक संगठन अब लड़की और उसके बच्चे की देखभाल (support for child mother) के लिए कदम उठा रहे हैं। समाज को बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।











