चंडीगढ़, 15 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। चिलचिलाती गर्मी का मौसम आते ही देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने सबसे बड़ी सिरदर्दी हरी सब्जियों, खासकर नींबू और हरी धनिया को खराब होने से बचाने की होती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों जैसे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में गर्मियों के दौरान तापमान 45 डिग्री के पार चला जाता है, जिससे ये चीजें एक ही दिन में सूख जाती हैं। कई लोग इन्हें सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर फ्रिज के भीतर भी धनिया काली पड़ जाती है और नींबू का रस सूख जाता है। ऐसे में कुछ पारंपरिक और घरेलू उपाय आजमाकर आप बिना फ्रिज के भी इन्हें हफ्तों तक तरोताजा रख सकते हैं।
धनिया के लिए फूलदान वाला फॉर्मूला और नींबू पर तेल की कोटिंग
यदि आप बाजार से ऐसी हरी धनिया खरीदकर लाए हैं जिसमें जड़ें मौजूद हैं, तो उसे स्टोर करने का एक बेहतरीन तरीका है। धनिया की जड़ों को अच्छी तरह साफ करके एक गिलास या कटोरी में थोड़ा सा पानी डालें और उसमें धनिया को सीधा खड़ा करके रख दें, ठीक वैसे ही जैसे गुलदस्ते में फूल रखे जाते हैं। इससे धनिया को लगातार नमी मिलती रहती है और वह मुरझाती नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, नींबू को सड़ने और सूखने से बचाने के लिए उसके ऊपर हल्का सा सरसों या नारियल का तेल लगा दें। तेल की यह पतली परत नींबू की बाहरी सतह से नमी को उड़ने नहीं देती, जिससे नींबू लंबे समय तक फ्रेश बना रहता है।
नींबू को पानी में डुबोएं और धनिया को गीले कपड़े से बचाएं
नींबू को हफ्तों तक रसदार बनाए रखने का एक और अचूक नुस्खा यह है कि इन्हें एक गहरे बर्तन में पानी भरकर उसमें पूरी तरह डुबोकर रख दें। बस आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि इस बर्तन का पानी रोजाना बदलते रहें, ताकि उसमें बैक्टीरिया न पनपे। इसके अलावा, गृहणियों द्वारा की जाने वाली एक आम गलती यह है कि वे धनिया को धोने के तुरंत बाद स्टोर कर देती हैं। धनिया को धोने के बाद पहले पंखे की हवा में अच्छी तरह सुखा लें, फिर उसे किसी सूती कपड़े या पेपर टॉवल में हल्के हाथों से लपेटकर खुली टोकरी में रखें। इससे धनिया की पत्तियां सड़ेंगी नहीं।
मिट्टी के बर्तनों का जादू और गर्मी से बचाव
रसोई में काम करते समय यह बेहद जरूरी है कि नींबू और धनिया दोनों को सीधे धूप और गैस चूल्हे की गर्मी से दूर रखा जाए। इन्हें हमेशा घर के किसी ऐसे कोने या ठंडी और हवादार जगह पर रखें जहां तापमान थोड़ा कम हो। इसके लिए आप ग्रामीण भारत के पारंपरिक तरीके यानी मिट्टी के बर्तनों या हांडी का चुनाव कर सकते हैं। मिट्टी के बर्तन प्राकृतिक रूप से अंदर के तापमान को ठंडा बनाए रखते हैं। इस देसी फ्रिज वाले माहौल में रखे जाने पर नींबू और धनिया बिना किसी अतिरिक्त बिजली खर्च के कई दिनों तक अपनी ताजगी और स्वाद बरकरार रखते हैं।
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