Corruption in Rohtak ACB caught JE taking bribe of 70 thousand: हरियाणा के रोहतक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी जीत! एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने लोक निर्माण विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को 70,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम है। आइए, इस घटना और इसके पीछे की कहानी को विस्तार से जानते हैं।
रिश्वत का जाल और शिकायत Corruption in Rohtak
रोहतक के एक युवक ने लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के जूनियर इंजीनियर प्रदीप के खिलाफ एसीबी को शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने रोहतक में एक पुलिया बनाने का ठेका लिया था, जिसकी लागत करीब 3 लाख रुपये थी। कार्य पूरा होने के बाद बिल बनवाने और डीएडी (डिपार्टमेंटल अकाउंट डिटेल) में इंद्राज करने के लिए जेई प्रदीप ने उससे 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। लंबी बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 70,000 रुपये पर तय हुई। युवक ने इस भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करते हुए एसीबी से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।
ACB का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने एक सुनियोजित जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को 70,000 रुपये की रिश्वत देने के लिए शीला बाईपास चौक पर भेजा। जैसे ही जेई प्रदीप ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। यह गिरफ्तारी 23 अप्रैल 2025 को हुई, और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत मामला दर्ज किया गया। मुकदमा संख्या 12 के तहत अब इसकी जांच चल रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
यह कार्रवाई न केवल रोहतक, बल्कि पूरे हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है। लोक निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में रिश्वतखोरी न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करती है, बल्कि ईमानदार ठेकेदारों और नागरिकों का भरोसा भी तोड़ती है। एसीबी की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने यह साबित किया कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शिकायतकर्ता की हिम्मत और एसीबी की सतर्कता ने एक बार फिर पारदर्शी प्रशासन की मिसाल कायम की है।
नागरिकों के लिए प्रेरणा
यह घटना आम नागरिकों के लिए एक प्रेरणा है। भ्रष्टाचार का सामना करने के बजाय, उसका डटकर मुकाबला करना जरूरी है। एसीबी ने लोगों से अपील की है कि वे रिश्वत मांगने की किसी भी घटना की शिकायत बिना डर के दर्ज करें। रोहतक में हुई इस कार्रवाई से ठेकेदारों और छोटे कारोबारियों को यह भरोसा मिला है कि उनकी मेहनत का हक छीनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हरियाणा में भ्रष्टाचार पर लगाम
हरियाणा सरकार और एसीबी भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रोहतक में जेई की गिरफ्तारी इस दिशा में एक और कदम है। यह कार्रवाई न केवल लोक निर्माण विभाग में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि अन्य सरकारी विभागों को भी सतर्क करेगी। अगर आप भी भ्रष्टाचार का सामना कर रहे हैं, तो एसीबी से संपर्क करें और अपने हक की लड़ाई लड़ें। यह जीत न केवल शिकायतकर्ता की, बल्कि हर उस नागरिक की है, जो भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है।











