Cyber fraud ₹14 lakh fraud in the name of cheap car in Chandigarh: साइबर ठगी (Cyber Fraud) का जाल चंडीगढ़ में भी फैल चुका है! सस्ती गाड़ी खरीदने की चाहत में गुरदयाल सिंह नाम के शख्स को ₹14 लाख से हाथ धोना पड़ा। एक फर्जी वॉट्सऐप ग्रुप, जिसका नाम था “बैंक ऑक्शन व्हीकल ग्रुप” (Bank Auction Vehicle), ने उन्हें झूठे ऑफर का लालच देकर फंसाया।
चंडीगढ़ साइबर सेल (Cyber Cell) ने इस मामले में कमर कस ली और मुंबई से तीन जालसाजों कुणाल तलसानिया, अजय झामुरिया, और रोनित जाधव को धर दबोचा। आइए, इस सनसनीखेज ठगी की पूरी कहानी जानते हैं और समझते हैं कि ऐसी ठगी से कैसे बचा जाए!
Cyber fraud: वॉट्सऐप लिंक से शुरू हुआ ठगी का खेल
नवंबर 2024 में गुरदयाल सिंह के पास एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही वे “बैंक ऑक्शन व्हीकल ग्रुप” (Bank Auction Vehicle) में शामिल हो गए। ग्रुप में हरिद्वार और जम्मू में खड़ी दो सस्ती गाड़ियों का ऑफर था।
गुरदयाल ने जांच-पड़ताल की, लेकिन जालसाजों का जाल इतना पक्का था कि वे भरोसा कर बैठे। उन्होंने बताए गए बैंक खातों में ₹14,13,890 जमा कर दिए। लेकिन जब गाड़ियां लेने की बारी आई, तो न गाड़ी थी और न ही कोई जवाब। ग्रुप एडमिन का फोन भी बंद हो गया।
साइबर सेल की तेज कार्रवाई
गुरदयाल ने तुरंत चंडीगढ़ साइबर सेल (Cyber Cell) में शिकायत दर्ज की। इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई में साइबर सेल ने जांच शुरू की। लोकेशन ट्रेस करने पर पहला सुराग मुंबई के अगरी पाड़ा इलाके से मिला। पुलिस ने रेड मारकर कुणाल तलसानिया को पकड़ा।
पूछताछ में उसने बताया कि उसने अजय झामुरिया के कहने पर फर्जी खाता खोला था। इसके बाद अजय और फिर रोनित जाधव को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल और एक्टिव सिम बरामद किए।
कमीशन का लालच और फर्जी खातों का जाल
पूछताछ में जालसाजों ने साइबर ठगी (Cyber Fraud) का पूरा खेल खोला। कुणाल ने बताया कि उसने 5% कमीशन के लिए खाता खोला और उसे अजय को सौंपा। अजय ने खाता सलमान नाम के शख्स को 7% कमीशन पर दिया। रोनित ने भी तुषार नाम के व्यक्ति को खाता 5% कमीशन पर बेचा। यह एक बड़ा नेटवर्क था, जो वॉट्सऐप ठगी (WhatsApp Scam) के जरिए लोगों को फंसाता था। जालसाजों ने सस्ती गाड़ियों का लालच देकर कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
साइबर ठगी से बचने का रास्ता
यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ा सबक है। अनजान वॉट्सऐप लिंक से सावधान रहें। कोई भी बड़ा पैसा भेजने से पहले पूरी जांच करें। साइबर ठग अक्सर CBI, ED, या बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं। अपने बैंक खाते या सिम को किसी और को न दें, क्योंकि यह गैरकानूनी है। चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) अब साइबर ठगी पर सख्ती से नजर रख रही है। अगर आप भी सतर्क रहें, तो अपने पैसे और मेहनत को बचा सकते हैं।













