Delhi Girl Kidnapping: 13-year-old girl from Delhi kidnapped, forced marriage and rape: 4 arrested from Shamli!: नई दिल्ली | दिल्ली की एक 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पिता से नाराज होकर घर से निकली इस मासूम को तस्करों ने निशाना बनाया। पहले उसे बहला-फुसलाकर बंधक बनाया, फिर 40 साल के एक शख्स को बेच दिया।
उस शख्स ने फर्जी कागजात बनाकर लड़की से जबरदस्ती शादी की और उसका रेप किया। अब पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लड़की को बचा लिया गया है। आइए, जानते हैं इस घटना की पूरी कहानी।
दिल्ली से भागी थी नाबालिग Delhi Girl Kidnapping
दिल्ली के भरत नगर इलाके में रहने वाली 13 साल की एक लड़की 21 जुलाई को अपने पिता से झगड़े के बाद घर से निकल गई थी। वह ट्यूशन के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
लगभग एक महीने बाद, 16 अगस्त को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शामली से लड़की को बचा लिया। इस मामले में चार लोगों—शामली के राजीव (40), हापुड़ के विकास (20), मेरठ के आशु (55) और गाजियाबाद के रमनजोत सिंह (24)—को गिरफ्तार किया गया है।
अपहरण, जबरदस्ती शादी और रेप
पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने बताया कि लड़की पिता से नाराज होकर घर से निकली थी। वह पहले इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन गई, फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां से ट्रेन पकड़कर वह मेरठ पहुंची, जहां उसकी मुलाकात आरोपी विकास से हुई।
विकास ने उसे बहलाकर सह-आरोपी आशु के घर में बंधक बनाया और फिर राजीव को बेच दिया। राजीव ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर, जिसमें लड़की को वयस्क दिखाया गया था, उससे जबरदस्ती शादी कर ली और उसका रेप किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने पैसे के लिए इस साजिश को अंजाम दिया।
एक फोन कॉल ने बचाई जान
लड़की की जान बचाने में एक अनजान फोन कॉल ने अहम भूमिका निभाई। लड़की के परिवार को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें एक महिला ने कहा कि उसकी बहू ने गलती से फोन किया था और फिर कॉल काट दी। पुलिस ने उस नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जो शामली में मिली।
16 अगस्त को स्थानीय पुलिस की मदद से लड़की को राजीव के घर से मुक्त कराया गया। इसके बाद उसे समझाने-बुझाने के बाद परिवार के पास भेज दिया गया।
फर्जी आधार कार्ड का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गाजियाबाद में साइबर कैफे चलाने वाले रमनजोत सिंह ने एक ऑनलाइन ‘पीडीएफ एडिटिंग’ ऐप के जरिए लड़की का फर्जी आधार कार्ड बनाया, जिसमें उसे वयस्क दिखाया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से जाली दस्तावेज और इस साजिश में इस्तेमाल हुए चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सभी चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।













