Haryana Bride Fraud: Bride ran away with jewellery and cash, turned out to be mother of 4 children: हरियाणा दुल्हन धोखाधड़ी 2025 (Haryana Bride Fraud) ने बावल के खंडोड़ा गांव में सनसनी फैला दी है। शादी के बाद सुहागरात की रात जेवर और नकदी लेकर फरार हुई दुल्हन को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर से गिरफ्तार किया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दुल्हन पूजा का असली नाम कौशल्या है और वह चार बच्चों की मां है। इस धोखाधड़ी में शामिल बिचौलिए को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। यह घटना समाज में विश्वास और रिश्तों पर सवाल उठाती है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी को समझते हैं।
शादी का झांसा और धोखा Haryana Bride Fraud
बावल के खंडोड़ा गांव के जलदीप ने बताया कि राजस्थान के बहरोड़ निवासी राजबीर ने उनकी शादी के लिए उत्तर प्रदेश के सोहेल से संपर्क कराया।
सोहेल ने शादी कराने के लिए 2 लाख रुपये कमीशन मांगा। 4 जून को जलदीप की शादी पूजा नाम की लड़की से हुई। परिवार ने दुल्हन को मंगलसूत्र और जेवर दिए। 5 जून को जलदीप दुल्हन को लेकर गांव लौटा। लेकिन उसी रात पूजा बहाना बनाकर अलग रही और मौका पाकर 20 हजार रुपये नकदी और जेवर लेकर फरार हो गई। यह घटना (Bride Scam Case) जलदीप और उनके परिवार के लिए बड़ा झटका थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जलदीप ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज की। बावल थाने के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल आशा देवी ने अम्बेडकर नगर में छापा मारकर दुल्हन को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि पूजा का असली नाम कौशल्या है और वह चार बच्चों की मां है।
वह 5 जून की सुबह खंडोड़ा से बस लेकर दिल्ली के रास्ते अपने गांव पहुंची थी। पुलिस ने बिचौलिए सोहेल को भी हिरासत में लिया, जिसने 2 लाख रुपये लेकर इस धोखाधड़ी (Police Investigation Fraud) को अंजाम दिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में है।
सामाजिक विश्वास पर सवाल
यह मामला (Marriage Fraud Haryana) केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि समाज में शादी जैसे पवित्र रिश्ते पर सवाल उठाता है।
बिचौलियों के जरिए होने वाली ऐसी धोखाधड़ी ग्रामीण इलाकों में आम हो रही है। लोग शादी के लिए बिचौलियों पर भरोसा करते हैं, लेकिन ऐसे मामले विश्वास को तोड़ते हैं। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अन्य संभावित पीड़ितों से सतर्क रहने की अपील की है। यह घटना हमें रिश्ते तय करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल की जरूरत सिखाती है।












