Haryana Gangster: Haryana gangster jail transfer: STF’s strict action created a stir (हरियाणा गैंगस्टर जेल तबादला) योजना के तहत अपराध नियंत्रण के प्रयासों को नई दिशा मिली है। हरियाणा में लगातार बढ़ते अपराधों और गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने के लिए STF ने जेल विभाग को सिफारिश भेजी थी। उसके आधार पर जेल प्रशासन ने 100 से अधिक कुख्यात अपराधियों की जेलें बदल दीं।
इनमें कई ऐसे अपराधी हैं जो (Lawrence Bishnoi gang) और (Kala Rana network) से जुड़े हैं और लंबे समय से जी.टी. रोड बेल्ट में आतंक फैलाते आ रहे थे। उन्हें अब यमुनानगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र जैसी जेलों से हटाकर नारनौल और फरीदाबाद भेजा गया है। (Gangster jail transfer) से अब आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद की जा रही है।
जेल के अंदर से नेटवर्क का खुलासा Haryana Gangster
(STF recommendation) के अनुसार कुछ अपराधी जेल के भीतर से ही (criminal relocation) और अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। खासकर शराब ठेकों की नीलामी में बाधा डालने के लिए इन अपराधियों ने (mobile in jail) के जरिए धमकी और गोलीबारी की साज़िश रचाई थी।
यमुनानगर की जेल में बंद 8 अपराधी ऐसे पाए गए जिनका सीधा संबंध कई मामलों से था। मनीष सिंघारी, राजन जाट और शुभम बिगनी जैसे नाम इस कार्रवाई में सामने आए। यह सभी (Haryana crime control) नीति के तहत शिफ्ट किए गए हैं।
जेल कर्मियों की संदिग्ध भूमिका
जेल प्रशासन ने सिर्फ अपराधियों पर नहीं बल्कि (prison staff inquiry) की दिशा में भी कदम उठाए हैं। डीजी जेल आलोक राय ने पुष्टि की कि कुछ जेल कर्मियों की भूमिका संदिग्ध थी जो अपराधियों को (mobile in jail) जैसी सुविधाएं देते थे।
अब STF द्वारा चिन्हित ऐसे कर्मचारियों की जांच की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि (prison department Haryana) पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ काम करे। ऐसे अफसर या कर्मचारी जो गैंगस्टरों से जुड़े हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











