Jind Child Marriage: Minor groom ready to ride a mare, then marriage stopped: जींद बाल विवाह (Jind child marriage) को रोकने में प्रशासन ने सतर्कता दिखाई।
नाबालिग दूल्हा (minor groom) घोड़ी चढ़ने को तैयार था, लेकिन बाल विवाह निषेध टीम ने शादी रुकवा दी। परिजनों को कानून की जानकारी दी गई। शादी स्थगित कर दी गई। यह घटना हरियाणा में जागरूकता की मिसाल है। आइए, इस खबर को आसान भाषा में समझें।
सतर्कता से रुका बाल विवाह
शनिवार को जींद में बड़ी कार्रवाई हुई। बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता (Sunita officer) को सूचना मिली। रोहतक रोड (Rohtak road) पर नाबालिग लड़के की शादी की तैयारी थी।
बारात हिसार के नारनौंद (Narnaund wedding procession) जाने वाली थी। सुनीता ने तुरंत टीम भेजी। हरियाणा बाल विवाह (Haryana child marriage) रोकने की यह मिसाल है। हरियाणा न्यूज़ (Haryana news) में यह खबर चर्चा में है।
उम्र सत्यापन में खुलासा
टीम में रवि लोहान (Ravi Lohan), ओमप्रकाश, आरती और नीलम शामिल थे। वे विवाह स्थल पहुंचे। परिजनों से लड़के के जन्म के कागजात (document check) मांगे।
पहले परिजनों ने टालमटोल की। बाद में कागजात दिखाए। लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम (below 21 years) थी। लड़की भी 18 वर्ष से कम (below 18 years) निकली। नाबालिग शादी (minor marriage) का सच सामने आया। जींद समाचार (Jind updates) में यह सनसनी बनी।
परिजनों को दी चेतावनी
परिजनों ने बताया कि लड़के का पिता नहीं है। मां बीमार रहती है। उन्हें बाल विवाह कानून (child marriage law) की जानकारी नहीं थी। टीम ने समझाया कि लड़का नाबालिग है।
शादी के लिए 21 साल तक इंतजार करें। कानूनी अड़चन से बचें। परिजन सहमत हुए। शादी स्थगित (wedding postponed) कर दी गई। बाल विवाह निषेध (child marriage prohibition) की यह कार्रवाई सराहनीय है। बाल संरक्षण (child protection) को बढ़ावा मिला।
कानूनी जागरूकता की जरूरत
जींद बाल विवाह (Jind child marriage) की यह घटना चेतावनी है। परिजनों को कानून की जानकारी नहीं थी। दो घंटे की मशक्कत के बाद सच सामने आया। नाबालिग दुल्हन (minor bride) और दूल्हे की शादी रुक गई।
जींद पुलिस (Jind police) ने कोई केस दर्ज नहीं किया। परिजनों को चेतावनी (family warning) दी गई। हरियाणा 2025 (Haryana 2025) में ऐसी घटनाएं कम होनी चाहिए। बाल विवाह जागरूकता (child marriage awareness) जरूरी है।
भविष्य के लिए सबक
जींद बाल विवाह (Jind child marriage) को रोकने की यह कार्रवाई प्रेरणा देती है। बाल विवाह निषेध टीम की सतर्कता ने दो नाबालिगों का भविष्य बचाया। क्या ऐसी जागरूकता हर गांव तक पहुंचेगी? लोग कानून का पालन करने लगे हैं।
हरियाणा में बाल विवाह रोकने की मुहिम तेज हो रही है। यह घटना समाज को जागरूक करने का मौका है। बाल संरक्षण के लिए सबको साथ आना होगा।











