Jyoti Malhotra Case: New revelation in Jyoti Malhotra case: RTI revealed many secrets: ज्योति मल्होत्रा केस (Jyoti Malhotra Case) में एक नया और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा, जिन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी (Espionage Allegations) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, को लेकर RTI ने कई हैरान करने वाली जानकारियां सामने लाई हैं।
RTI के अनुसार, केरल सरकार ने ज्योति को पर्यटन प्रचार (Tourism Promotion) के लिए आमंत्रित किया था। यह खबर न केवल इस केस को नया मोड़ दे रही है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर रही है। आइए, इस मामले को करीब से समझते हैं।
केरल पर्यटन विभाग का न्योता Jyoti Malhotra Case
RTI से पता चला है कि ज्योति मल्होत्रा को 2024-2025 के दौरान केरल के कोच्चि, अलप्पुझा, कन्नूर, कोझिकोड, और मुन्नार जैसे खूबसूरत स्थलों का दौरा करने के लिए बुलाया गया था। केरल पर्यटन विभाग (Kerala Tourism Department) ने ज्योति के ट्रैवल, ठहरने, और कार्यक्रम के खर्च का पूरा भुगतान किया।
ज्योति के साथ-साथ कई अन्य यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को भी इस प्रचार अभियान (Tourism Campaign) के लिए आमंत्रित किया गया था। एक वीडियो में ज्योति साड़ी पहने कन्नूर के एक कार्यक्रम में नजर आईं, जो इस बात की पुष्टि करता है।
केरल सरकार का पक्ष
इस मामले पर केरल सरकार ने सफाई दी है। सरकार का कहना है कि यूट्यूबर्स को पर्यटन प्रचार (Tourism Promotion) के लिए आमंत्रित करना एक सामान्य प्रक्रिया है। यह पहली बार नहीं हुआ, बल्कि पहले भी कई बार ऐसे आयोजन किए जा चुके हैं।
सरकार ने कहा कि ज्योति और अन्य क्रिएटर्स को अच्छी नीयत के साथ बुलाया गया था। हालांकि, ज्योति मल्होत्रा केस (Jyoti Malhotra Case) में जासूसी के गंभीर आरोपों ने इस निमंत्रण को संदेह के घेरे में ला दिया है। 7 जुलाई 2025 को ज्योति की छठी बार कोर्ट में पेशी हुई, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।
मामले ने क्यों बटोरी सुर्खियां?
ज्योति मल्होत्रा केस (Jyoti Malhotra Case) ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। RTI से मिली जानकारी ने इस केस को और जटिल बना दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या ज्योति का केरल दौरा सिर्फ पर्यटन प्रचार का हिस्सा था, या इसके पीछे कोई और मकसद था? लोग इस मामले में और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
अगर आप भी इस केस से जुड़े अपडेट्स जानना चाहते हैं, तो स्थानीय प्रशासन और कोर्ट की कार्यवाही पर नजर रखें। यह मामला हरियाणा से केरल तक चर्चा का विषय बना हुआ है।











