Murder in Sonipat A young man was shot dead: सोनीपत के गांव रोहणा में एक साधारण शाम अचानक खौफनाक मंजर में बदल गई। 39 वर्षीय योगेंद्र अपने दोस्तों के साथ घर में हंसी-मजाक कर रहा था, तभी गांव के ही एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। आइए, इस दुखद घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह वारदात कैसे हुई।
हंसी-मजाक से शुरू हुई तकरार Murder in Sonipat
सोमवार की शाम गांव रोहणा के निवासी योगेंद्र अपने घर में दो-तीन दोस्तों के साथ बैठकर हंसी-मजाक कर रहे थे। सब कुछ सामान्य था, लेकिन तभी गांव का ही सुनील उर्फ पंखा वहां पहुंचा। उसने बिना किसी वजह के योगेंद्र के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। योगेंद्र ने उसे शांत करने की कोशिश की और कहा कि वह अपने घर में दोस्तों के साथ समय बिता रहा है। उसने सुनील को शांत रहने और घर लौटने के लिए कहा। लेकिन सुनील ने इसे चुनौती की तरह लिया और धमकी देकर वहां से चला गया।
धमकी से हत्या तक का सफर
सुनील की धमकी कोई हल्का वादा नहीं थी। कुछ ही देर बाद वह अपने चार साथियों—अनिल, संदीप उर्फ थोथा, डीलू, और एक अन्य युवक—के साथ वापस लौटा। इनमें से अनिल के पास बंदूक थी। पांचों ने मिलकर योगेंद्र के घर पर धावा बोल दिया। योगेंद्र के पिता सुरेंद्र ने बताया कि हमलावरों ने उनके बेटे पर बेरहमी से हमला किया। इसी दौरान अनिल ने योगेंद्र पर गोली चला दी। गोली लगने से योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे रोक लिया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में जिंदगी की जंग हारा योगेंद्र
गोली लगने के बाद योगेंद्र को तुरंत रोहतक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार ने उसकी जिंदगी बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण देर रात उपचार के दौरान योगेंद्र ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। योगेंद्र के पिता सुरेंद्र ने बताया कि हमलावरों को वह अच्छे से पहचानते हैं और उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही खरखौदा थाना पुलिस तुरंत गांव रोहणा पहुंची। पुलिस ने फोरेंसिक लैब की टीम को बुलाकर घटनास्थल से सबूत जुटाए। देर रात पुलिस रोहतक पहुंची और योगेंद्र के शव को कब्जे में लिया। शव का पोस्टमार्टम रोहतक में किया जाएगा। पुलिस ने सुरेंद्र के बयान के आधार पर पांच आरोपियों—सुनील, अनिल, संदीप, डीलू, और एक अज्ञात युवक—के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
गांव में सन्नाटा, परिवार का गुस्सा
इस घटना ने गांव रोहणा में सन्नाटा पसार दिया है। योगेंद्र के परिवार और ग्रामीणों में गुस्सा और दुख का माहौल है। परिजनों का कहना है कि इतनी छोटी सी बात पर इतना बड़ा कदम उठाना अमानवीय है। वे चाहते हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात न हो। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता पर भी सवाल उठाती है।
समाज के लिए सबक
यह दुखद घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाना कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस और प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे। साथ ही, समाज को भी आपसी भाईचारे और संयम को बढ़ावा देना होगा। उम्मीद है कि योगेंद्र के परिवार को जल्द न्याय मिलेगा और गांव रोहणा में फिर से शांति बहाल होगी।










