Panchkula Crime: Sensational murder in Panchkula: Indiscriminate firing on a youth who came out of a mall after watching a movie, the attackers took responsibility on Instagram: पंचकूला के पिंजौर में अमरावती मॉल के बाहर गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। दो अज्ञात हमलावरों ने मूवी देखकर लौट रहे दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस वारदात ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो के वायरल होने से मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें हमलावरों ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है, और आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। यह घटना सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
घटना में पिंजौर निवासी सोनू नौलटा और उनके दोस्त प्रिंस राणा अमरावती मॉल में फिल्म देखने के बाद अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी की ओर जा रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। एक गोली गाड़ी के शीशे पर लगी, और जब सोनू गाड़ी से उतरने लगे, तो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सोनू को तीन से अधिक गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
प्रिंस राणा के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें पहले पंचकूला के सेक्टर-6 अस्पताल ले जाया गया, फिर चंडीगढ़ के पीजीआई रेफर किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खाली खोल बरामद किए हैं, और गाड़ी को कब्जे में ले लिया है।
पंचकूला पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और घायल प्रिंस की स्थिति की जानकारी ली। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दो युवक, जिनमें से एक की पहचान पीयूष पिपलानी के रूप में हुई, हत्या की जिम्मेदारी लेते दिख रहे हैं।
वीडियो में वे पर्सनल रंजिश का हवाला देते हुए दो पिस्तौलें लिए नजर आ रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच डर और आक्रोश का कारण बनी है, और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह हत्याकांड न केवल पंचकूला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को भी उजागर करता है। नागरिकों से अपील है कि वे ऐसी घटनाओं के बारे में अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस जांच में सहयोग करें। यह मामला न केवल कानूनी कार्रवाई की मांग करता है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और रंजिश को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता की भी जरूरत है।











