Police hooliganism in Fatehabad Two youths who went to buy lassi were beaten up, admitted to civil hospital: हरियाणा के फतेहाबाद शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रात के समय लस्सी लेने गए दो युवकों के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है।
यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के उन पर हमला किया। घायल युवकों को फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात का वाकया, बिना वजह की मारपीट Police hooliganism in Fatehabad
पीड़ित युवकों ने बताया कि वे रात को फतेहाबाद शहर में लस्सी लेने के लिए निकले थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका। युवकों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने न तो कोई चेकिंग की, न ही उनसे कोई सवाल पूछा, बल्कि सीधे उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
इस अप्रत्याशित हमले में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। एक युवक को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जबकि दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
परिजनों में गुस्सा, पुलिस की सफाई
घायल युवकों के परिजनों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि पुलिस का यह रवैया पूरी तरह गलत और अमानवीय है। परिजनों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, इस मामले में स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) ने दावा किया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो मामले की जांच की जाएगी। हालांकि, SHO की इस सफाई से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है और वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं।
पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
यह घटना फतेहाबाद में पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है। रात के समय आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय, अगर पुलिस ही मारपीट पर उतर आए,
तो लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा? स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में दोषी पुलिसकर्मी बच निकलते हैं। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस सुधारों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जरूरत को रेखांकित किया है।
क्या होगा अगला कदम?
पीड़ित युवकों और उनके परिजनों ने इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। वे चाहते हैं कि दोषी पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाए और इस घटना की निष्पक्ष जांच हो।
साथ ही, स्थानीय लोग इस मामले को सोशल मीडिया पर भी उठा रहे हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। यह देखना बाकी है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है।
नागरिकों के लिए सलाह
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे रात में बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और अपने साथ पहचान पत्र रखें। अगर पुलिस चेकिंग के दौरान कोई गलत व्यवहार करती है,
तो तुरंत उच्च अधिकारियों या हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करें। इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही जरूरी है।













