Rape in Faridabad, Minor daughter and friend raped, pushed into prostitution: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक नाबालिग लड़की और उसकी सहेली यौन शोषण का शिकार हुईं।
सहेली के सौतेले पिता पर दुष्कर्म का आरोप है, जबकि एक महिला ने दोनों को देह व्यापार के लिए मजबूर किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना समाज में बढ़ती असुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
चौंकाने वाला अपराध Rape in Faridabad
फरीदाबाद के एनआईटी इलाके में रहने वाली नाबालिग लड़की और उसकी सहेली के साथ हुए इस अपराध ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पीड़िता की सहेली का सौतेला पिता लंबे समय से दोनों के साथ दुष्कर्म कर रहा था। वह जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करता था।
इतना ही नहीं, उसने दोनों को भूड कॉलोनी की एक महिला के हवाले कर दिया, जो उन्हें शारीरिक शोषण के लिए अलग-अलग लोगों के पास भेजती थी। इस गोरखधंधे के बदले महिला 1200 रुपये लेती थी। इस मामले में एक मंदिर के पुजारी का नाम भी सामने आया, लेकिन पुलिस जांच में उसे निर्दोष पाया गया।
चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की भूमिका
यह मामला तब उजागर हुआ, जब 17 अप्रैल को दोनों नाबालिग डबुआ इलाके से लापता हो गईं। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, लेकिन पांच दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हताश परिजन चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के पास पहुंचे। CWC के सदस्य सुनील यादव की पहल पर पुलिस हरकत में आई। तीन दिन के भीतर पुलिस ने एक लड़की को बरामद कर लिया। उसने खुलासा किया कि उसकी सहेली ओल्ड फरीदाबाद की एक कॉलोनी में उसी महिला के पास है, जो देह व्यापार के लिए उनका शोषण कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी, सहेली के सौतेले पिता, को गिरफ्तार कर लिया। महिला की भूमिका की जांच जारी है, और पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संदिग्धों की तलाश में है।
मामले में दुष्कर्म, देह व्यापार और नाबालिगों के शोषण के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िताओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
समाज के लिए सबक
यह घटना न केवल फरीदाबाद, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। बच्चों, खासकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर परिवार और प्रशासन को और सतर्क होने की जरूरत है।
पुलिस की शुरुआती निष्क्रियता ने भी सवाल खड़े किए हैं, लेकिन CWC की त्वरित कार्रवाई ने पीड़िताओं को न्याय की उम्मीद दी है। इस मामले ने बाल संरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग को और मजबूत किया है।











