Rohini MCD attack: Dog lovers attack MCD team! FIR after Supreme Court’s order, know the whole matter: नई दिल्ली | दिल्ली के रोहिणी में आवारा कुत्तों को पकड़ने गई नगर निगम (MCD) की टीम पर डॉग लवर्स ने हमला कर दिया, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2025 के आदेश के बाद शुरू की गई थी, जिसमें दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों को पकड़ने का निर्देश दिया गया था। आइए जानते हैं इस घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह।
MCD टीम पर हमला और FIR Rohini MCD attack
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत MCD की टीम रोहिणी में आवारा कुत्तों को पकड़ने गई थी। इस दौरान कुछ डॉग लवर्स ने न सिर्फ MCD की वैन को नुकसान पहुंचाया, बल्कि कर्मचारियों को धमकाया भी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने इस मुद्दे को और हवा दी है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने वेटनरी डॉक्टर की शिकायत पर संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। मामले की जांच चल रही है।
विजय गोयल ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया और रोहिणी पुलिस उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने MCD की वैन को नुकसान और कर्मचारियों को धमकाने की घटना की निंदा की। गोयल ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें घटना की सीसीटीवी फुटेज वाली पेन ड्राइव भी शामिल थी। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
क्यों लिया गया आवारा कुत्तों को पकड़ने का फैसला?
दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों के हमलों के बढ़ते मामलों ने लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को MCD को आवारा कुत्तों को पकड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद से MCD लगातार इस अभियान को अंजाम दे रही है।
हालांकि, इस फैसले का कई जगहों पर डॉग लवर्स विरोध कर रहे हैं। रोहिणी की इस घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
वायरल वीडियो और जनता की प्रतिक्रिया
रोहिणी में MCD कर्मचारियों पर हमले का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ है, जिससे इस मामले ने और ध्यान खींचा है।
लोग सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।













