कलर्स टीवी का चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 19 खत्म हुए करीब दो हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन शो से जुड़े चेहरे अब भी चर्चा में बने हुए हैं। 15 हफ्तों तक चले इस सीजन का समापन 7 दिसंबर को हुआ था, जहां टीवी अभिनेता गौरव खन्ना ने ट्रॉफी के साथ 50 लाख रुपये की इनामी राशि जीती। शो के खत्म होने के बाद अब एक वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट का बयान लोगों का ध्यान खींच रहा है।
कौन हैं मालती चाहर और क्यों है यह बयान अहम
मालती चाहर न केवल एक जानी मानी अभिनेत्री हैं बल्कि भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन भी हैं। बिग बॉस 19 में उनकी एंट्री भले ही वाइल्ड कार्ड के तौर पर हुई थी, लेकिन शो के बाद उनका एक इंटरव्यू चर्चा का विषय बन गया है।
मालती ने हाल ही में एक बातचीत में फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में अपने साथ हुए कास्टिंग काउच अनुभव को साझा किया। उनका कहना है कि यह घटना उनके करियर के शुरुआती दौर में हुई थी और उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
इंटरव्यू में क्या बोलीं मालती चाहर
एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान मालती ने बताया कि एक उम्रदराज और इंडस्ट्री में पहचान रखने वाले निर्देशक ने उन्हें अपने ऑफिस बुलाया था। काम से जुड़ी मीटिंग के दौरान उस व्यक्ति ने जबरन किस करने की कोशिश की।
मालती के मुताबिक,
वे कई बार प्रोफेशनल मुलाकातों में उनसे मिलती रही थीं और बातचीत सामान्य रहती थी। लेकिन उस दिन अचानक हुआ यह व्यवहार उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित था। उन्होंने तुरंत विरोध किया और वहीं उस व्यक्ति को रोक दिया। इसके बाद उन्होंने दोबारा कभी उससे संपर्क नहीं किया।
घटना का मानसिक असर और सीख
मालती कहती हैं कि उस पल वह कुछ देर के लिए सन्न रह गई थीं। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि जिस व्यक्ति को वह सम्मान की नजर से देखती थीं, वह ऐसा कर सकता है।
उनका मानना है कि इस अनुभव ने उन्हें एक बड़ी सीख दी। इंडस्ट्री में आंख बंद कर भरोसा करना कई बार नुकसानदेह हो सकता है। प्रोफेशनल रिश्तों में सीमाएं तय करना बेहद जरूरी है।
इंडस्ट्री की हकीकत पर खुली बात
इसी बातचीत में मालती ने यह भी कहा कि मनोरंजन जगत में कई बार बिना समझौते के काम मिलना मुश्किल हो जाता है।
उनके अनुसार
लुक टेस्ट और फाइनल सिलेक्शन के बाद भी कई बार कलाकारों को बिना किसी वजह के बाहर कर दिया जाता है। यह उनके साथ भी कई बार हो चुका है।
उन्होंने साफ कहा कि ऐसे मौके आते हैं जब लोग आपको गलत इशारों से परखने की कोशिश करते हैं। ऐसे में फैसला कलाकार को खुद लेना होता है कि वह अपने सिद्धांतों के साथ खड़ा रहेगा या नहीं।
यह मामला क्यों मायने रखता है
मालती चाहर का बयान एक बार फिर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मान जैसे मुद्दों को सामने लाता है। समय समय पर कई अभिनेत्रियां ऐसे अनुभव साझा करती रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे खुलासे नए कलाकारों को जागरूक करते हैं और इंडस्ट्री में जवाबदेही बढ़ाने में मदद करते हैं।
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है
मनोरंजन जगत में लगातार उठ रही आवाजों के बाद कई प्रोडक्शन हाउस अब आंतरिक शिकायत समितियां बना रहे हैं। हालांकि जमीन पर बदलाव धीरे हो रहा है। ऐसे में मालती जैसे कलाकारों की साफ और संतुलित बात समाज और इंडस्ट्री दोनों के लिए जरूरी मानी जा रही है।













