Madhuri Dixit माधुरी दीक्षित ने दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग पर खुलकर बात की। जानिए क्यों बॉलीवुड में वर्किंग ऑवर्स को लेकर नई बहस छिड़ी है और दीपिका किन फिल्मों से बाहर हुईं।
बॉलीवुड में पिछले कुछ समय से एक ही मुद्दे पर गर्म बहस चल रही है—क्या फिल्मों में काम की शिफ्ट 8 घंटे फिक्स होनी चाहिए?
यह चर्चा तब शुरू हुई जब दीपिका पादुकोण ने अपनी आने वाली बड़ी फिल्मों में तय काम के घंटे की शर्त रखी, जिसके बाद उन्हें ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी हाई-प्रोफाइल फिल्मों से अलग होना पड़ा।
अब इस बहस में जुड़ गया है एक बड़ा नाम—माधुरी दीक्षित।
और उनकी राय ने चर्चा में नया मोड़ ला दिया है।
विवाद की शुरुआत: दीपिका की 8-घंटे शिफ्ट की मांग Madhuri Dixit
रिपोर्ट्स के अनुसार दीपिका पादुकोण ने मेकर्स से कहा था कि वह एक दिन में केवल 8 घंटे ही शूट करेंगी।
दुनिया की कई फिल्म इंडस्ट्रीज़ में यह नॉर्मल प्रैक्टिस है, लेकिन भारत में 12–14 घंटे की शिफ्ट अक्सर आम मानी जाती है।
मेकर्स इस शर्त पर सहमत नहीं हुए और दीपिका दोनों ही फिल्मों से बाहर हो गईं।
इसी के बाद बॉलीवुड में यह चर्चा शुरू हुई कि—
क्या कलाकारों को ‘नॉर्मल’ वर्किंग ऑवर्स का अधिकार मिलना चाहिए?
क्या लंबे शूट घंटों को ग्लैमर इंडस्ट्री का ही हिस्सा मान लिया गया है?
फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स कहते हैं कि भारत में फिल्मों के बजट और शेड्यूल अक्सर इतने टाइट होते हैं कि लंबे घंटे काम करना प्रोडक्शन टीम की मजबूरी बन जाता है।
माधुरी दीक्षित की राय: “मेरे लिए लंबे घंटे ठीक, पर किसी पर थोपना गलत”
इसी मुद्दे पर जब माधुरी दीक्षित से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया।
एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा:
“हम जब मिसेज देशपांडे बना रहे थे, तब रोज़ 12 घंटे से ज्यादा काम होता था। मैं वर्कहॉलिक हूं, मुझे इसमें दिक्कत नहीं थी।
लेकिन अगर कोई महिला कहती है कि वह सिर्फ इतने ही घंटे काम करेगी, तो यह उसका अधिकार है। किसी पर दबाव नहीं होना चाहिए।”
माधुरी ने यह भी बताया कि मां बनने के बाद भी उन्होंने कई लंबे शिफ्ट्स किए, लेकिन वह चाहती हैं कि हर कलाकार को अपनी सुविधा के मुताबिक काम करने का अधिकार मिले।
इंडस्ट्री के एक सीनियर डायरेक्टर (नाम न बताने की शर्त पर) का कहना है—
“आज के दौर में वर्क-लाइफ बैलेंस पर बात होना ही बहुत बड़ी बात है। बॉलीवुड धीरे-धीरे प्रोफेशनल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। दीपिका के मांग करने से बहस शुरू हुई है, जो आगे बदलाव ला सकती है।”
दीपिका किन फिल्मों से बाहर हुईं?
1. स्पिरिट
प्रभास स्टारर इस बड़े प्रोजेक्ट में दीपिका के कैमियो से लेकर महत्वपूर्ण भूमिका तक की चर्चाएं थीं।
लेकिन शिफ्ट की शर्त पर सहमति न बनने के बाद मेकर्स ने नई कास्टिंग शुरू कर दी।
2. कल्कि 2898 एडी – सीक्वल
पहले पार्ट में नजर आने के बाद उम्मीद थी कि दीपिका सीक्वल में भी रहेंगी।
लेकिन ताज़ा रिपोर्ट्स बताती हैं कि प्रोडक्शन ने उन्हें दूसरी किस्ती से बाहर कर दिया है।
फैंस इस फैसले से काफी निराश हैं क्योंकि दीपिका की स्क्रीन प्रेज़ेंस और स्टार पावर फिल्म के बड़े आकर्षणों में से एक मानी जाती है।
आगे क्या? दीपिका की अगली फिल्में
दीपिका पादुकोण फिलहाल शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म ‘किंग’ में नज़र आने वाली हैं, जिसमें सुहाना खान भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फिल्म 2025 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
यह सिर्फ एक स्टार की डिमांड का मामला नहीं है—यह पूरे फिल्म उद्योग की वर्किंग कंडीशंस पर सवाल उठाता है।
क्यों यह मुद्दा जरूरी है:
भारत में फिल्म सेट्स पर लंबे घंटे काम करना अब भी एक ‘नॉर्म’ है
तकनीकी टीम 14–16 घंटे काम करती है, जो स्वास्थ्य पर असर डालता है
एक्टर्स का फिक्स्ड शेड्यूल इंडस्ट्री को अधिक प्रोफेशनल बना सकता है
आने वाले समय में यूनियंस और प्रोड्यूसर्स इस पर नई गाइडलाइन बना सकते हैं
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर बड़े स्टार्स इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो इंडस्ट्री में मानव-केन्द्रित वर्क-कल्चर की शुरुआत हो सकती है।













