ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Hisar में Ahoi Ashtami 2025 पर चांद और तारे देखने का समय, जानें पूजा मुहूर्त

On: October 9, 2025 5:10 PM
Follow Us:
Hisar में Ahoi Ashtami 2025 पर चांद और तारे देखने का समय, जानें पूजा मुहूर्त
Join WhatsApp Group

Ahoi Ashtami 2025 Hisar mein chand kab niklega: अहोई अष्टमी, जिसे अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक खास त्योहार है। यह पर्व माताओं द्वारा अपने बच्चों की सलामती और समृद्धि के लिए मनाया जाता है। पहले यह व्रत केवल बेटों के लिए रखा जाता था, लेकिन अब आधुनिक भारत में माताएं अपने बेटे और बेटियों, दोनों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। यह पर्व दीवाली से आठ दिन पहले और करवा चौथ के चार दिन बाद आता है। उत्तर भारत में इसे करवा चौथ की तरह ही बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

13 अक्टूबर 2025 को पड़ने वाली अहोई अष्टमी के दिन माताएं सूर्योदय से सांझ तक कठोर व्रत रखती हैं। कई माताएं इस दौरान पानी भी नहीं पीतीं। व्रत का पारण सांझ में तारे दिखने के बाद किया जाता है। कुछ परंपराओं में चंद्रमा के उदय के बाद व्रत खोला जाता है, लेकिन चूंकि चंद्रमा देर से निकलता है, यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

Hisar में Ahoi Ashtami 2025 पर चांद और तारे देखने का समय

अहोई अष्टमी 2025 में सोमवार, 13 अक्टूबर को मनाई जाएगी। पूजा और अन्य अनुष्ठानों के लिए शुभ समय इस प्रकार है:

HBSE 12th Result 2026: हरियाणा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट इस दिन! लाखों छात्रों का इंतजार खत्म
HBSE 12th Result 2026: हरियाणा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट इस दिन! लाखों छात्रों का इंतजार खत्म

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त: शाम 6:07 से 7:19 तक

गोवर्धन राधा कुंड स्नान: 13 अक्टूबर, 2025

सांझ में तारे देखने का समय: शाम 6:28

हरियाणा में पानी बिल वसूली पर महिलाओं को 10% कमीशन, पंचायतों के लिए नई नीति लागू
हरियाणा में पानी बिल वसूली पर महिलाओं को 10% कमीशन, पंचायतों के लिए नई नीति लागू

कृष्ण दशमी चंद्रोदय: 14 अक्टूबर को रात 12:09

अहोई अष्टमी 2025 कैसे मनाएं

अहोई अष्टमी का व्रत और पूजा माताओं के लिए बच्चों की सलामती का एक पवित्र अवसर है। इस दिन निम्नलिखित तरीके से व्रत और पूजा करें:
सुबह जल्दी उठकर अहोई माता को प्रणाम करें और व्रत का संकल्प लें। सूर्योदय से सांझ तक कठोर व्रत रखें, जिसमें खाना और पानी से परहेज किया जाता है। पूजा स्थल पर चौकी या वेदी सजाएं और उस पर अहोई माता और बच्चों की तस्वीर रखें। शुभ मुहूर्त (शाम 6:07 से 7:19) में पूजा करें और सांझ में तारे देखने के बाद व्रत खोलें। अतिरिक्त आशीर्वाद के लिए गोवर्धन स्नान या राधा कुंड स्नान जैसे अनुष्ठान करें।

अहोई अष्टमी का महत्व

अहोई अष्टमी मां के अपने बच्चों के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व देखभाल, सुरक्षा और आशीर्वाद का संदेश देता है। पूरी श्रद्धा के साथ व्रत और पूजा करने से बच्चों को अच्छा स्वास्थ्य, समृद्धि और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। यह त्योहार मातृ प्रेम और आस्था से भरी परंपरा को जीवंत रखता है।

हरियाणा में श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: न्यूनतम वेतन में 35% की वृद्धि, खातों में आए 40 करोड़ रुपये
हरियाणा में श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: न्यूनतम वेतन में 35% की वृद्धि, खातों में आए 40 करोड़ रुपये

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment