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Ambala flood: अम्बाला में नदियों ने डुबोईं कॉलोनियां और खेत, 1,000 करोड़ का नुकसान

On: September 9, 2025 12:47 PM
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Ambala flood: अम्बाला में नदियों ने डुबोईं कॉलोनियां और खेत, 1,000 करोड़ का नुकसान
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Ambala flood damage (अम्बाला) : अम्बाला में भारी बारिश और टांगरी, घग्गर, मारकंडा, बेगना और रुण नदियों में आए सैलाब ने जिंदगी को तहस-नहस कर दिया है। यमुना के किनारे बसे गांवों, खेतों, हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी ने भारी तबाही मचाई है। टांगरी और घग्गर नदियों की वजह से 26 से ज्यादा कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। प्रशासन के दावे खोखले साबित हुए, और पिछले पांच दिनों से लोग सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के सहारे गुजारा कर रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने नग्गल क्षेत्र का दौरा किया और किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

जलस्तर ने तोड़ा खतरे का निशान

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बुधवार रात को टांगरी नदी का जलस्तर 15,000 क्यूसेक के खतरे के निशान को पार कर 43,000 क्यूसेक तक पहुंच गया। मुलाना में मारकंडा नदी 51,000 क्यूसेक के खतरे के निशान को पार कर 52,000 क्यूसेक पर थी। गुरुवार सुबह घग्गर नदी का जलस्तर 20,000 क्यूसेक के खतरे के निशान को पार कर 26,000 क्यूसेक तक गया। मंगलवार रात और बुधवार को 106 मिमी बारिश ने पूरे जिले को जलमग्न कर दिया। रविवार तक बारिश का पानी निकला, लेकिन नदियों का पानी अभी भी खेतों और कॉलोनियों में जमा है।

जलभराव के पांच बड़े कारण

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अम्बाला में बाढ़ की मुख्य वजहें हैं- पक्के तटबंधों का न होना और नदियों पर कब्जे। उद्यमी रामचंद्र ने बताया कि बब्याल-चंदपुरा रोड पर पक्का तटबंध बनाने की योजना थी, लेकिन प्रभावशाली नेताओं और जमीन अधिग्रहण की समस्या के कारण यह कागजों तक सीमित रह गया। टांगरी ब्रिज के पास कब्जों ने नदी की चौड़ाई कम कर दी, जिससे पानी रामपुर और सरसेहड़ी में भर जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में IIT रुड़की का 15 करोड़ का प्रोजेक्ट भी रुका हुआ है, जिससे करीब 1,000 करोड़ का नुकसान हुआ। शाहपुर में कच्चा तटबंध टूटने से 1,000 एकड़ फसल डूब गई। मारकंडा नदी पर हेमा माजरा में तटबंध टूटने और बेगना नदी पर स्टोन पीचिंग न होने से कई गांव प्रभावित हुए।

प्रशासन की कोशिशें

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मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डीसी अजय तोमर को जलभराव की कमियों को दूर करने और ड्रेन निर्माण की योजना बनाने का निर्देश दिया। स्थानीय निवासियों और किसान नेताओं ने तटबंधों को मजबूत करने और कब्जों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। किसान नेता गुरमीत सिंह और अश्विंदर बोपाराय ने बताया कि शाहपुर में रिंग रोड का पुल छोटा होने से पानी खेतों में ठहर जाता है। प्रशासन अब स्थाई समाधान की दिशा में काम कर रहा है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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