Asian Games Hockey Gold India : जापान में संपन्न हुए एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी ने स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीमों ने दमदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और सीधे ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। इस ऐतिहासिक कामयाबी की धुरी हरियाणा का सिरसा जिला बना। जिले के गांव जीवन नगर के राजेंद्र सिंह ने पुरुष टीम में शानदार प्रदर्शन किया, वहीं गांव जोधकां की बेटी सविता पूनिया (Savita Punia hockey) ने महिला टीम की कप्तानी संभालते हुए भारत को शीर्ष पर पहुंचाया।
सिरसा के दो सितारों की दोहरी चमक
सिरसा की खेल नर्सरी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। पुरुष वर्ग में डिफेंडर के रूप में राजेंद्र सिंह (Rajender Singh hockey Sirsa) ने विपक्षी टीमों के हमलों को नाकाम कर भारतीय आक्रमण को ताकत दी। दूसरी तरफ अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने महिला टीम का नेतृत्व पूरी दृढ़ता से किया। दोनों खिलाड़ियों के गांव जीवन नगर और जोधकां में इस समय जश्न का माहौल है और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाच रहे हैं।
विदेश में बैठे माता-पिता ने मनाया जश्न
राजेंद्र सिंह के परिवार में बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी की लहर दौड़ गई है। राजेंद्र के माता-पिता इस समय विदेश में हैं, लेकिन खबर मिलते ही उन्होंने वहीं से फोन कर पूरे परिवार और ग्रामीणों को बधाई दी। बेटे के इस सुनहरे प्रदर्शन (Asian Games gold medal hockey) ने विदेशी धरती पर भी परिवार का सीना चौड़ा कर दिया है। पूरे गांव में बधाइयों का तांता लगा हुआ है और लोग राजेंद्र के पैतृक आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दे रहे हैं।
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भगत सिंह स्टेडियम में बंटी मिठाई
सिरसा के भगत सिंह स्टेडियम (Bhagat Singh Stadium Sirsa) में जीत की खबर आते ही युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने मैदान पर जमकर नारेबाजी की। राजेंद्र सिंह के कोच हरविंद्र सिंह ने युवा खिलाड़ियों का मुंह मीठा करवाकर खुशी साझा की। उन्होंने कहा कि राजेंद्र ने मैदान पर अपना 100 प्रतिशत देकर देश को गोल्ड मेडल दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। मैदान पर पसीना बहाने वाले हर युवा एथलीट के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं है।
सविता पूनिया का आखिरी मिनट में निर्णायक बचाव
महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में सविता पूनिया का प्रदर्शन बेहद सनसनीखेज रहा। मैच के अंतिम समय में जब विपक्षी टीम ने बढ़त बनाने के लिए जोरदार पेनल्टी स्ट्रोक मारा, तब दीवार बनकर खड़ी सविता ने शानदार बचाव कर भारत की जीत पक्की कर दी। कोच हरविंद्र सिंह ने बताया कि सविता के उसी निर्णायक पेनल्टी स्ट्रोक सेव की बदौलत भारतीय महिला टीम गोल्ड मेडल चूमने में सफल रही। दोनों दिग्गजों की यह जीत सिरसा और हरियाणा के नए खिलाड़ियों को ओलंपिक के सपने देखने का नया हौसला देगी। #AsianGames #IndianHockey #HaryanaSports












