डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन हरियाणा के अंबाला जोन ने नए साल के अवसर पर अंबाला कैंट स्थित फूड कोर्ट में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन में विभिन्न सरकारी विभागों के जूनियर इंजीनियर और एसडीओ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी समन्वय बढ़ाना, संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करना और कर्मचारियों से जुड़े अहम मुद्दों पर साझा रणनीति बनाना रहा।
सौ साल से अधिक पुराना संगठन
डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन की स्थापना वर्ष 1912 में हुई थी। यह संगठन राज्य के करीब 17 विभागों में कार्यरत तकनीकी अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने लंबे समय से सक्रिय संगठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।
कार्यक्रम की शुरुआत और एजेंडा
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद एसोसिएशन की राज्य और जिला स्तर पर चल रही गतिविधियों पर चर्चा की गई।
प्रमुख मुद्दे जिन पर चर्चा हुई
• बी एंड आर विभाग में एसीपी के लिए परीक्षा की अनिवार्यता
• पंचायती राज विभाग में एसडीओ को बीडीओ के अधीन करने के प्रस्ताव का विरोध
• कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार से संवाद जारी रखा जाएगा।
विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में सिंचाई विभाग, बी एंड आर, पंचायती राज, पब्लिक हेल्थ, नगर निगम, मार्केटिंग बोर्ड, HSVP, फिशरीज सहित कई विभागों के जेई और एसडीओ उपस्थित रहे।
अंबाला क्षेत्र में हालिया बाढ़ राहत कार्यों में इन अधिकारियों की भूमिका को भी सराहा गया। प्रशासनिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आपदा प्रबंधन में तकनीकी अधिकारियों का योगदान बेहद अहम होता है।
राज्य कार्यकारिणी की मौजूदगी
कार्यक्रम में एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी से प्रधान सुन्दर, जनरल सेक्रेटरी गुलिया, अरविंद यादव और महेंद्र यादव ने सहभागिता की। उनकी उपस्थिति से सदस्यों में उत्साह देखा गया।
कर्मचारियों की मांगों पर क्या कहा गया
जिला प्रधान जतिंदर सिंह ने सभी सदस्यों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि
पे स्केल सुधार और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार से लगातार संवाद किया जाएगा।
उनके अनुसार सामूहिक प्रयास से ही नीतिगत बदलाव संभव हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी पर भी फोकस
डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन अंबाला जोन समय समय पर सामाजिक कार्यों में भी भाग लेता है।
• हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन
• आपदा राहत में सक्रिय योगदान
• पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता
इसी क्रम में जिला प्रधान ने सभी सदस्यों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया।
अन्य पदाधिकारियों की भागीदारी
कार्यक्रम में
• दीपक बतरा वरिष्ठ उप प्रधान
• साहिल खेरा सलाहकार
• आशीष सैनी कैशियर
• जगदीप जिला सचिव
• विभिन्न जिलों के प्रधान
मौजूद रहे।
तकनीकी अधिकारियों के संगठनात्मक संवाद से न केवल कर्मचारियों की समस्याएं सामने आती हैं, बल्कि प्रशासनिक सुधार और जनहित को भी बल मिलता है। ऐसे आयोजन सरकारी तंत्र और समाज दोनों के लिए सकारात्मक माने जाते हैं।











