करनाल। खराब मौसम के चलते सब्जियों व फलों के रेट बढ़ गए हैं। बारिश की वजह से टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, मटर, आलू के रेट डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। इससे गृहिणियों का बजट बिगड़ गया है। सेक्टर-14 की सुनीता देवी ने बताया कि वह सप्ताह में एक बार सब्जी लेते हैं। पहले 500 रुपए की मिलती थी। अब उतनी की सब्जियां 750 रुपए की आ रही हैं। इससे बजट बढ़ गया है। इस स्थिति में सब्जियां कम उपयोग करने लगे हैं।
रसोई में कटौती की मजबूरी
रामनगर वासी अंजु देवी ने बताया कि रेट बढ़ने के कारण पहले दोपहर और शाम दो बार सब्जियां बनाते थे। अब शाम को ही सब्जी बनाने लगे हैं। रेट बढ़ने के कारण रसोई का बजट बिगड़ा है। सब्जी मंडी रेहड़ी-फड़ी एसोसिएशन के प्रधान दलीप कुमार ने बताया कि सब्जी बरसात के चलते हिमाचल से सब्जियां की सप्लाई कम आ रही है।
सब्जियों की कीमतों का हाल
सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल आया है। आलू 12-14 रुपये से 16-18 रुपये, प्याज 20-22 रुपये से 25-30 रुपये, शिमला मिर्च 25-30 रुपये से 40-50 रुपये और गोभी 60-80 रुपये से 80-100 रुपये किलो हो गई है। भिंडी, बैंगन, खीरा और नींबू जैसी सब्जियों के दाम भी 10-20 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। यह स्थिति गृहिणियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
फलों पर भी बारिश की मार
अब लोकल सब्जियां मंडी में आ रही हैं। जो लोकल सब्जियां भी बारिश के चलते मंहगी हो गई है। यही हाल फलों का है। करनाल नई सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य कृष्ण सचदेवा ने बताया कि फलों के रेट बारिश के चलते महंगे हो गए हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर व शिमला में बारिश होने से फल 20 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। ऐसे में लोगों को पर फल व सब्जियों की मार पड़ी है। सेब 110 रुपए से 160, अनार 120 से 180, अंगूर 200 रुपए से 300, पपीता 45 रुपए से बढ़कर 60 रुपए किलो तक हो गया है।












