चंडीगढ़, 22 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न इंडस्ट्रीज और ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे ताजा संकट का असर उद्योगों, विशेषकर आयात और निर्यात (इंपोर्ट-एक्सपोर्ट) से जुड़े कारोबारियों पर बेहद गहरा पड़ा है। उन्होंने व्यवसायियों ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विषय पर अपनी गहरी चिंता जाहिर कर चुके हैं और संकट की इस वैश्विक घड़ी में हरियाणा सरकार हर कदम पर व्यापारियों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।
कोरोना काल की तरह मिलकर जीतेंगे वैश्विक संकट से जंग
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों का हौसला बढ़ाते हुए कोरोना महामारी के मुश्किल दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप सभी ने और सरकार ने मिलकर उस भीषण संकट का सामना किया था और पार पाए थे, ठीक उसी तरह हम इस मौजूदा आर्थिक और वैश्विक दौर से भी मजबूती के साथ उबरेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का मानना है कि इस कठिन दौर में व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए छोटी से छोटी व्यावहारिक दिक्कतों का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने साफ शब्दों में दोहराया कि सरकार पहले भी उद्योग जगत के साथ थी और अब भी उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
नई उद्योग नीति को कैबिनेट की हरी झंडी, मौके पर ही मानीं कई मांगें
औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार की ‘नई उद्योग नीति’ को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इस नई नीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उद्योग संगठनों द्वारा पहले दिए गए तमाम व्यावहारिक सुझावों को शामिल कर लिया गया है ताकि प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस के लिए एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके। बैठक में मौजूद विभिन्न ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जब मुख्यमंत्री के सामने अपनी नई मांगें और सुझाव रखे, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें बेहद ध्यानपूर्वक सुना और कई जायज मांगों को बैठक के भीतर ही तुरंत मंजूरी प्रदान कर दी।
गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद के लिए बड़ी घोषणाएं
गर्मियों के सीजन में फैक्ट्रियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में बेहद उच्च क्षमता वाले आधुनिक और बड़े फायर टेंडर (अग्निशमन गाड़ियां) जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, बहुमंजिला इमारतों (High Rise Buildings) की अंडरग्राउंड पार्किंग में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के रास्ते में आ रही बाधा को दूर करते हुए अग्निशमन विभाग के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। वहीं, एनसीआर के जिलों में कनेक्टिविटी को और शानदार बनाने के लिए मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) जैसे आधुनिक परिवहन साधनों के विस्तार की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
फ्रेट सब्सिडी में बढ़ोतरी और ₹15,000 मासिक प्रोत्साहन का तोहफा
मुख्यमंत्री ने उद्योगों को आर्थिक राहत देने के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। अब उद्योगों के लिए फ्रेट सब्सिडी (माल ढुलाई सब्सिडी) को बढ़ाया जाएगा और इंडस्ट्री के टेस्टिंग इक्विपमेंट (जांच उपकरणों) की खरीद पर भी सरकार विशेष सब्सिडी देगी। एमएसएमई (MSME) सेक्टर को एमओयू (MoU) के जरिए मिलने वाले सभी लाभ अब राज्य की दूसरी बड़ी इंडस्ट्रीज को भी ट्रांसफर किए जाएंगे। सबसे बड़ा ऐलान युवाओं और रोजगार को लेकर हुआ, जिसके तहत अप्रेंटिसशिप स्कीम के अंतर्गत काम करने वाले प्रति उम्मीदवार को छह महीने तक 15,000 रुपये मासिक वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा, आईएमटी (IMT) क्षेत्रों के भीतर आंतरिक परिवहन को सुगम बनाने के लिए प्रदूषण रहित इलेक्ट्रिक बस सेवाएं चलाई जाएंगी, तथा प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (अर्जुन SPV) और इलेक्ट्रिक स्कूल बसों पर भी सब्सिडी देने पर विचार किया जाएगा।
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