करनाल। केंद्र सरकार में ऊर्जा और शहरी विकास मंत्रालय की कमान संभालने के बाद पहली बार अपने गृह क्षेत्र पहुंचे मनोहर लाल पूरी तरह चुनावी और विकास वाले तेवर में नजर आए। करनाल लोकसभा के असंध हलके में आने वाले बालू, मंजूरा, औगंद, कतलाहेडी, जुंडला और पिचौलिया गांवों के तूफानी दौरे पर निकले केंद्रीय मंत्री ने जहां एक तरफ जनता का आभार जताया, वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर जमकर सियासी तीर छोड़े।
उन्होंने दोटूक कहा कि एक वो दौर था जब गर्मियों की शुरुआत होते ही पूरा हरियाणा बिजली के लंबे कटों से कराह उठता था और गुस्साए ग्रामीण सड़कों पर चक्का जाम करने को मजबूर थे। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल उलट है; ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना ने लालटेन के युग को हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया है। मंत्री ने दावा किया कि भारत अब न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि पड़ोसी मुल्कों को भी ग्रिड के जरिए बिजली की सप्लाई देने की हैसियत में आ चुका है।
10 साल में सुधरा सिस्टम
देश के पावर सेक्टर में आए इस बुनियादी बदलाव को मनोहर लाल ने कुछ हालिया आंकड़ों के जरिए जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि इसी महीने की 21 तारीख को भीषण गर्मी के बीच देश के इतिहास में बिजली की रिकॉर्डतोड़ मांग दर्ज की गई। उस दिन बिना किसी तकनीकी खराबी या कटौती के पूरे देश में 270.80 गीगावाट बिजली की निर्बाध आपूर्ति की गई, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
फिलहाल देश के पास 283 गीगावाट बिजली उपलब्ध है और अधिकारियों को आगामी दिनों में इसे 300 गीगावाट तक ले जाने का रोडमैप सौंप दिया गया है।
साल 2014 के हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तब हरियाणा का ‘लाइन लॉस’ (बिजली चोरी और तकनीकी खराबी से होने वाला नुकसान) करीब 34 फीसदी था। कंपनियों और सरकार की सख्ती से अब यह घटकर मात्र 11 फीसदी रह गया है।
उन्होंने किसानों और आम उपभोक्ताओं से ‘पीएम सूर्य घर योजना’ का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छतों पर 3 किलोवाट के सोलर पैनल लगाएं और खेतों में बिजली के बजाय सोलर पंप चलाएं, ताकि बची हुई बिजली सरकार को बेचकर सीधे अपनी आमदनी बढ़ाई जा सके।
युवाओं को गांव में ही मिलेगी कोचिंग
ग्रामीण आंचल से आने वाले बच्चों, खासकर बेटियों की उच्च शिक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री ने एक बेहद संवेदनशील घोषणा की। असंध के गांवों में चौपालों को संबोधित करते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नौवीं से बारहवीं कक्षा की ऐसी छात्राओं की फौरन शिनाख्त की जाए, जिन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पैदल जाना पड़ता है। सरकार ऐसी 500 जरूरतमंद बेटियों को मुफ्त में साइकिलें बांटेगी ताकि दूरी की वजह से उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे।
इसके साथ ही, गांवों से शहरों की तरफ हो रहे युवाओं के पलायन और कोचिंग के भारी-भरकम खर्च को कम करने के लिए भी एक बड़ा खाका खींचा गया है। मनोहर लाल ने एलान किया कि करनाल जिले की सभी 395 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डिजिटल लाइब्रेरियां खोली जाएंगी। इन सेंटर्स पर प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ा स्टडी मटेरियल और इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे गांव के गरीब से गरीब युवा को भी एचएसएससी (HSSC) और यूपीएससी (UPSC) जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर के महंगे कोचिंग संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सर्वसमाज के लिए बनेंगे आधुनिक ‘शिवधाम’
राजनीति और विकास की बातों से अलग, मनोहर लाल ने समाज के ताने-बाने को मजबूत करने के लिए एक बेहद कड़ा और सामाजिक संदेश भी दिया। गांवों में जाति के आधार पर बने अलग-अलग श्मशान घाटों की परंपरा पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने मंच से साफ लफ्जों में कहा कि, “जातिगत भेदभाव के खिलाफ अब कोई और नहीं बल्कि मनोहर लाल खुद बोलेगा।” उन्होंने ग्रामीणों से रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलने की अपील करते हुए कहा कि जब मृत्यु के बाद हर इंसान की आत्मा एक ही परमपिता परमात्मा में विलीन होती है, तो फिर अंतिम संस्कार के लिए अलग-अलग जगह क्यों होनी चाहिए?
‘शिवधाम’ के लिए सरकार देगी अलग से बजट
केंद्रीय मंत्री ने एलान किया कि गांवों में अब अलग-अलग जातियों के नाम पर बने श्मशान घाटों को अपग्रेड करके एक ही सर्वसाधारण ‘शिवधाम’ बनाया जाएगा। इन शिवधामों में पक्के रास्ते, चारदीवारी, बैठने के लिए शेड और पीने के पानी के आधुनिक इंतजाम होंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से विशेष फंड जारी किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना पर तुरंत काम शुरू करने और पंचायतों को पूरी ईमानदारी के साथ इस पैसे को धरातल पर लगाने की हिदायत दी।
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