Gurugram Metro Project, सिटी रिपोर्टर | गुरुग्राम : गुरुग्राम के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! लंबे इंतजार के बाद ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना अब हकीकत बनने जा रही है। 5 सितंबर को इस मेट्रो विस्तार योजना का भव्य भूमि पूजन समारोह होगा। इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहेंगे। यह आयोजन गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) कार्यालय के सामने, सेक्टर-44 की पार्किंग में होगा। साथ ही, दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी RRTS परियोजना को भी जल्द गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि पूजन की तैयारियां जोरों पर
मंगलवार शाम को जिला उपायुक्त अजय कुमार ने समारोह स्थल का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए ताकि कार्यक्रम शानदार तरीके से हो। डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद भूमि पूजन में शामिल होंगे। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, सोहना विधायक तेजपाल तंबर और पटौदी विधायक बिमला चौधरी भी मौजूद रहेंगी।
गुरुग्राम विश्वविद्यालय में जनसभा
जिला उपायुक्त ने बताया कि मेट्रो परियोजना से जनता को जोड़ने के लिए भूमि पूजन के बाद गुरुग्राम विश्वविद्यालय में एक जनसभा होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस दौरान लोगों को संबोधित करेंगे और मेट्रो विस्तार के फायदों के बारे में बताएंगे। डीसी ने कहा कि यह मेट्रो न सिर्फ परिवहन को आसान बनाएगी, बल्कि गुरुग्राम की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक तरक्की को भी नई रफ्तार देगी।
RRTS परियोजना को गति देने की मांग
दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-शाहजहांपुर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग उठ रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से जल्द मंजूरी दिलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात के दबाव को कम करेगी और हरियाणा के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
RRTS में देरी क्यों?
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी RRTS को दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के साथ मंजूरी मिली थी। जहां मेरठ कॉरिडोर लगभग पूरा हो चुका है, वहीं यह परियोजना अभी रुकी हुई है। उनका कहना है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेवाड़ी में AIIMS का शिलान्यास करने आए थे, तब इस परियोजना का भी शिलान्यास हो सकता था, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा नहीं हुआ। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही निर्माण शुरू हो सकेगा।











