बजट 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 27 में हरियाणा के लिए खुशियों का पिटारा खुल गया है। इस बजट में प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से लेकर पंचकूला के फार्मा हब तक, इस बजट का सीधा सकारात्मक असर राज्य के सात प्रमुख जिलों पर पड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस बजट की सराहना करते हुए इसे हरियाणा की प्रगति को नई रफ्तार देने वाला बताया है। सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का जो ऐतिहासिक प्रावधान किया है, उसका एक बड़ा हिस्सा हरियाणा के इंफ्रास्ट्रक्चर को चमकाने में काम आएगा।
हिसार, करनाल और अंबाला में उतरेंगे सी प्लेन
हरियाणा में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर इस बार बहुत ही खास प्लानिंग की गई है। हिसार एयरपोर्ट के साथ साथ करनाल और अंबाला की हवाई पट्टियों को अब सी प्लेन (C Plane) के परिचालन के लिए तैयार किया जाएगा।
हिसार बनेगा मेंटेनेंस हब: हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर अब हवाई जहाजों की मरम्मत (MRO) के साथ उनके पुर्जे बनाने का काम भी शुरू होगा।
टैक्स में कटौती: केंद्र सरकार ने विमानों के पुर्जों पर लगने वाले टैक्स को हटा दिया है, जिससे अब इन शहरों में पार्ट्स बनाना काफी सस्ता हो जाएगा।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में बनेंगे विमान पुर्जा केंद्र
हरियाणा के दो सबसे बड़े औद्योगिक शहरों, गुरुग्राम और फरीदाबाद को विमानन क्षेत्र का केंद्र बनाने की तैयारी है। बजट में विमानों के पुर्जे बनाने वाले लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए विशेष सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
इससे न केवल विदेशी निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को नई तकनीक सीखने और उच्च स्तर के रोजगार पाने के हजारों अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही सोनीपत के खरखौदा और गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईएमटी (IMT) का विस्तार करने का फैसला भी लिया गया है।
पंचकूला बनेगा देश का नया फार्मा हब
बजट में बायोफॉर्मा शक्ति पहल के तहत 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा पंचकूला को मिलने वाला है जो धीरे धीरे एक बड़े फार्मा हब के रूप में उभर रहा है।
यहाँ स्थित बायोफार्मा कंपनियां कैंसर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं, टैबलेट और कैप्सूल तैयार करेंगी। इससे न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आएगी बल्कि आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण को भी नई दिशा मिलेगी।
आरआरटीएस और ई वी नेटवर्क से आसान होगा सफर
दिल्ली से जुड़े हरियाणा के शहरों के लिए आरआरटीएस कॉरिडोर (RRTS Corridor) के बजट को मंजूरी दे दी गई है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी के बीच चलने वाली इस हाई स्पीड रेल से लाखों दैनिक यात्रियों का समय बचेगा।
इसके अलावा पूरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों का एक बड़ा नेटवर्क बिछाने के लिए भी भारी धनराशि आवंटित की गई है। इससे आने वाले समय में प्रदूषण कम करने और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
कब दौड़ेगी RRTS ट्रेन
केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा के ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिली भारी धनराशि के बाद अब हर किसी की नज़र इस बात पर है कि ये प्रोजेक्ट्स ज़मीन पर कब तक उतरेंगे। दिल्ली से रेवाड़ी के बीच चलने वाली हाई-स्पीड RRTS ट्रेन और हिसार का महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, दोनों ही प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने वाले हैं। आइए जानते हैं इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स की ताज़ा स्थिति और इनकी संभावित डेडलाइन।
दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी RRTS: रफ़्तार का नया दौर
दिल्ली-अलवर RRTS कॉरिडोर का पहला चरण (दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-धारूहेड़ा) अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। बजट में मिली नई मंज़ूरी के बाद इस प्रोजेक्ट के काम में और तेज़ी आने की उम्मीद है।
डेडलाइन की स्थिति: इस कॉरिडोर के पहले हिस्से को 2027 के अंत तक या 2028 की शुरुआत तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सफर का समय: एक बार शुरू होने के बाद, सराय काले खां (दिल्ली) से धारूहेड़ा या रेवाड़ी तक का सफर मात्र 60 से 70 मिनट में पूरा हो सकेगा।
वर्तमान कार्य: गुरुग्राम और मानेसर के पास पिलर बनाने और अंडरग्राउंड स्टेशनों का काम जोरों पर है। ई-व्हीकल चार्जिंग नेटवर्क को भी इन स्टेशनों के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
हिसार एयरपोर्ट: कब शुरू होंगी कमर्शियल उड़ानें?
हिसार का महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट केवल एक हवाई पट्टी नहीं, बल्कि उत्तर भारत का एक बड़ा ‘एविएशन हब’ बनने जा रहा है। बजट में विमानों के पुर्जों पर टैक्स हटाए जाने के बाद यहाँ ‘मेनटेनेंस और मैन्युफैक्चरिंग’ का काम प्राथमिकता पर है।
उड़ानों की शुरुआत: रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (UDAN) के तहत हिसार से चंडीगढ़, जयपुर और दिल्ली के लिए छोटी उड़ानें 2026 के मध्य तक नियमित रूप से शुरू होने की संभावना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट: एयरपोर्ट का रनवे विस्तार और नाइट लैंडिंग की सुविधा लगभग पूरी हो चुकी है। अब फोकस टर्मिनल बिल्डिंग और यात्रियों की सुविधाओं पर है।
बड़ा लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर की लंबी उड़ानें और मालवाहक (Cargo) विमानों का परिचालन 2027 के उत्तरार्ध तक शुरू होने की उम्मीद है।
पंचकूला और सोनीपत में कब दिखेगा बजट का असर?
बजट में घोषित 10,000 करोड़ रुपये के बायो-फार्मा निवेश का असर पंचकूला में अगले 6 से 12 महीनों में दिखने लगेगा। वहीं सोनीपत के खरखौदा में मारुति के नए प्लांट के साथ-साथ IMT विस्तार का काम भी 2026 के अंत तक नई रफ़्तार पकड़ लेगा।
इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से हरियाणा न केवल दिल्ली के पड़ोस का एक औद्योगिक केंद्र बना रहेगा, बल्कि खुद अपनी रफ़्तार के लिए पहचाना जाएगा।












