चंडीगढ़ . हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साइबर ठगी रोकने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाने के लिए बैंक अब ट्रांजेक्शन के समय ‘डबल OTP’ भेजेंगे। इसके अलावा, साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर 1930 डायल करते ही अब सीधे ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज करने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘डबल ओटीपी’ (Double OTP) और ‘जीरो एफआईआर’ (Zero FIR) जैसी सख्त व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। अब साइबर ठगों के लिए हरियाणा के बुजुर्गों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई लूटना इतना आसान नहीं होगा।
बुजुर्गों के लिए ‘डबल OTP’, ऐसे रुकेगी डिजिटल अरेस्ट की ठगी
विधानसभा में बोलते हुए सीएम नायब सैनी ने बताया कि साइबर अपराध के केसों में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग सबसे ज्यादा डिजिटल अरेस्ट का शिकार बन रहे हैं। ठग उन्हें डरा-धमकाकर मिनटों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लेते हैं। अब इस खुली लूट को रोकने के लिए बैंकों की तरफ से राशि ट्रांजेक्शन करते समय दो वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजे जाएंगे।
इसमें से पहला ओटीपी खाताधारक बुजुर्ग के मोबाइल पर आएगा, जबकि दूसरा ओटीपी उनके बेटे, बेटी या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नंबर पर भेजा जाएगा। इससे परिवार को तुरंत पता चल जाएगा कि इतनी बड़ी रकम कहां और क्यों ट्रांसफर की जा रही है। किसी भी गड़बड़ी का अंदेशा होने पर परिवार तुरंत हस्तक्षेप कर बुजुर्ग को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट रहने और ठगी का शिकार होने से बचा सकेगा।
1930 डायल करते ही दर्ज होगी ‘जीरो FIR’
साइबर ठगी के बाद पुलिस थानों के चक्कर काटने की मजबूरी भी अब पूरी तरह खत्म कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने साइबर अपराध के मामलों में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज करने की शुरुआत की है। जैसे ही कोई पीड़ित 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएगा, उसके संबंधित एरिया में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।
सीएम ने सदन को यह भी बताया कि ठग अक्सर पैसे को मल्टीपल बैंक खातों में घुमाते हैं ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके। लेकिन अब विभिन्न बैंकों में बैठे सरकार के नोडल अधिकारी और साइबर पुलिस तुरंत कार्रवाई करते हुए उन खातों को फ्रीज कर राशि को होल्ड कर रही है। इसके साथ ही आम बजट में प्रदेश के भीतर तीन नए साइबर थाने खोलने की भी आधिकारिक घोषणा की गई है।
नूंह विधायक ने उठाया था साइबर क्राइम का मुद्दा
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने सदन में प्रदेश के बढ़ते साइबर क्राइम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में इसके लिए अलग से साइबर क्राइम कमिश्नरेट बनाने की मांग रखी।
इस सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्पष्ट किया कि सरकार की सख्ती के कारण प्रदेश में साल-दर-साल साइबर अपराध के मामलों में भारी कमी आ रही है। सरकार अब जिलावार तरीके से साइबर अपराध पर फोकस कर रही है और ठगों के खिलाफ बेहद सख्ती से काम कर रही है।
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