Haryana Labour Welfare Board 2025 Anil Vij strikes blow, recommends dissolution of the board: हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड 2025 (Haryana Labour Welfare Board 2025) को लेकर बड़ा बवाल मच गया है! श्रम मंत्री अनिल विज ने बोर्ड को भंग करने की सिफारिश कर दी है, और इसके पीछे की वजह सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। बोर्ड में ऐसे लोग भरे पड़े हैं, जो न तो श्रमिक हैं और न ही निर्माण कार्य से उनका कोई लेना-देना। बस, यूनियन की नेतागिरी और खानापूरी! विज ने साफ कर दिया है कि अब ये मनमानी नहीं चलेगी। आइए, जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला और हरियाणा के श्रमिकों (labour welfare) के लिए इसका क्या मतलब है!
Haryana Labour Welfare Board 2025: बोर्ड में गलत नियुक्तियों का खेल
हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (Haryana Labour Welfare Board 2025) का मकसद है श्रमिकों की भलाई, लेकिन मार्च 2024 में बने इस बोर्ड में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। अनिल विज का कहना है कि बोर्ड में यूनियन के लोग भरे गए, जो सिर्फ मीटिंग में नेतागिरी करते हैं। ना इनका श्रमिकों से कोई वास्ता, ना ही निर्माण कार्य से! नियमों के मुताबिक, बोर्ड में 5 श्रमिक और 5 निर्माण कार्य से जुड़े लोग होने चाहिए, लेकिन राजनेताओं की सिफारिश पर यूनियन वालों को जगह दे दी गई। विज ने ऐसे सदस्यों को तुरंत हटाने का आदेश दे दिया है।
महिला सदस्य की अनदेखी
श्रम विभाग के नियम साफ कहते हैं कि 10 सदस्यीय बोर्ड में कम से कम एक महिला श्रमिक का होना जरूरी है। लेकिन पिछले साल बने बोर्ड में इस नियम को भी ठेंगा दिखाया गया। ना कोई महिला श्रमिक शामिल की गई, ना ही निर्माण कार्य से जुड़े लोग। ये लापरवाही श्रमिकों के हितों (workers’ rights) पर भारी पड़ी। अनिल विज ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया और अब बोर्ड को नए सिरे से गठन करने की बात कही है। उनका कहना है कि अब नियमों का पालन होगा, ताकि श्रमिकों की समस्याएं (labour issues) सही मायनों में हल हो सकें।
अफसरों पर विज की सख्ती
श्रम मंत्री अनिल विज ने न सिर्फ बोर्ड, बल्कि श्रम विभाग के अफसरों को भी आड़े हाथों लिया। हाल ही की समीक्षा बैठक में उन्होंने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। विज का कहना है कि कुछ अफसर अपनी मनमानी कर रहे हैं, और भ्रष्टाचार (corruption in labour department) की शिकायतें उनकी टेबल तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। अगर कोई अफसर श्रमिकों की भलाई में ढिलाई बरतेगा, तो उसे सख्त सजा भुगतनी पड़ेगी। विज का फोकस साफ है—श्रमिकों का हक सबसे पहले!
भविष्य में नियमों का पालन
अनिल विज ने वादा किया है कि अब हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (Haryana Labour Welfare Board 2025) में नियुक्तियां पूरी तरह श्रम एक्ट के तहत होंगी। सिर्फ असली श्रमिक और निर्माण कार्य से जुड़े लोग ही बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। विज ने कहा कि पुरानी नियुक्तियों का हिसाब उनके पास नहीं, लेकिन अब कोई गड़बड़ी नहीं चलेगी। ये कदम श्रमिकों के हितों (labour welfare) की रक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो और बोर्ड अपना असली मकसद पूरा कर सके।











