Haryana Mock drill Mock drill in 11 cities after Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हुए। इस कार्रवाई के बाद हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। हरियाणा के 11 शहरों में आज हवाई हमले से बचाव के लिए मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट की तैयारी है। सायरन की गूंज और अंधेरा लोगों को आपात स्थिति के लिए तैयार करने का हिस्सा है। आइए, इस मॉक ड्रिल और इसके महत्व को समझते हैं।
Haryana Mock drill: ऑपरेशन सिंदूर और सुरक्षा की नई रणनीति
7 मई 2025 की मध्यरात्रि को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में सटीक हमले किए। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दुनिया के सामने रखा। लेकिन इसके बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल में विशेष मॉक ड्रिल का निर्देश दिया। इसका मकसद आपात स्थिति में जनता और प्रशासन की तैयारियों को परखना है।
हरियाणा के 11 शहरों में मॉक ड्रिल
हरियाणा के 11 शहरों को सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट के तौर पर चिह्नित किया गया है, जहां आज हवाई हमले से बचाव के लिए मॉक ड्रिल होगी। बुधवार को गुरुग्राम में सुबह 10:30 से 11:00 बजे तक चार बार सायरन बजाकर टेस्टिंग की गई। इससे पहले मंगलवार शाम को हिसार में सायरन के साथ प्रैक्टिस की गई। अंबाला में प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि सुरक्षा में कोई सेंध न लगे। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी जिलों के डीसी और एसपी के साथ बैठक कर मॉक ड्रिल की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को स्पष्ट करें कि यह केवल एक अभ्यास है, घबराने की जरूरत नहीं है।
ब्लैकआउट और सायरन का मकसद
आज शाम को हरियाणा के कई शहरों में हवाई हमले के संकेत के तौर पर सायरन बजेगा, जिसके बाद आधे घंटे के लिए चुनिंदा इलाकों में ब्लैकआउट होगा। इस दौरान बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह जांचना है कि युद्ध या मिसाइल हमले जैसी आपात स्थिति में जनता और सरकारी तंत्र कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकता है। यह अभ्यास आपातकालीन सेवाओं, जैसे पुलिस, अग्निशमन और मेडिकल टीमों की तैयारियों को भी परखेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे सायरन सुनते ही शांत रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
पंजाब, चंडीगढ़ और शिमला में भी ड्रिल
हरियाणा के साथ-साथ पंजाब के 20 स्थानों पर भी मॉक ड्रिल होगी। चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी सायरन और ब्लैकआउट के साथ अभ्यास किया जाएगा। पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पहले ही स्कूल बंद किए जा चुके हैं, और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। यह मॉक ड्रिल क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय और तत्परता को बढ़ाने का प्रयास है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभ्यास न केवल जनता को जागरूक करते हैं, बल्कि प्रशासन को आपात स्थिति के लिए बेहतर तैयार करते हैं।
जनता के लिए सलाह
मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सायरन और ब्लैकआउट केवल अभ्यास का हिस्सा हैं। प्रशासन ने सलाह दी है कि लोग अपने घरों में रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से परहेज करें। यह मॉक ड्रिल भारत की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने का एक हिस्सा है, जो ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदमों के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है।












