चंडीगढ़, 22 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी दफ्तरों के काम के तरीके में एक बहुत बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। अब कर्मचारियों और अफसरों के कामकाज की निगरानी पूरी तरह ऑनलाइन यानी डिजिटल तरीके से की जाएगी। इसके लिए एक नया सिस्टम (डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम) लागू किया जा रहा है।
हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी और सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक सुधार होने जा रहा है। प्रदेश सरकार अब कर्मचारियों और अधिकारियों के कामकाज की निगरानी पूरी तरह डिजिटल तरीके से करेगी। इसके लिए राज्य में संशोधित एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) फ्रेमवर्क और डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ से प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों और जिला प्रशासन को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का सीधा असर राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन प्रक्रिया पर पड़ेगा।
लेटलतीफ अफसरों की सूची तलब, पेंडेंसी होगी खत्म
अक्सर देखा जाता है कि समय पर एसीआर न भरे जाने के कारण कर्मचारियों के प्रमोशन सालों साल लटके रहते हैं। इस ढर्रे को बदलने के लिए सरकार ने सबसे पहले पेंडेंसी पर प्रहार किया है। मुख्य सचिव के आदेशानुसार सभी विभागों से उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जिनके स्तर पर सबसे ज्यादा एसीआर लंबित पड़ी हैं। इस कदम के पीछे सरकार का सीधा उद्देश्य फाइलों को दबाकर बैठने वाले अफसरों की जवाबदेही तय करना और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। अब हर विभाग को अपने कर्मचारियों के कार्यों और उपलब्धियों को मापने योग्य (Measurable) और परिणाम-आधारित (Result-oriented) तरीके से दर्ज करना होगा।
अप्रैल 2027 से पूरी तरह बंद होगी मैनुअल व्यवस्था
हरियाणा सरकार ने इस बड़े बदलाव के लिए एक स्पष्ट समयसीमा तय कर दी है। निर्देशों में साफ कहा गया है कि अप्रैल 2027 से पुरानी मैनुअल एसीआर प्रणाली को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद कागजों पर होने वाले मूल्यांकन का दौर खत्म हो जाएगा और शत-प्रतिशत काम डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगा। इसके लिए एनआईसी (NIC) या सरकार द्वारा नामित तकनीकी टीम एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है। यह नया प्लेटफॉर्म सीधे कर्मचारियों के कार्य निष्पादन को ट्रैक करेगा और पूरी व्यवस्था को मौजूदा एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल से एकीकृत (Integrate) कर दिया जाएगा। इससे किसी भी कर्मचारी के काम का वास्तविक समय (Real-time) में आकलन हो सकेगा।
मुख्य सचिव की वेबसाइट पर दिखेगा ‘ऑनर बोर्ड’
कर्मचारियों में काम के प्रति प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सरकार एक अनोखा प्रयोग करने जा रही है। मुख्य सचिव की आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष “ऑनर बोर्ड” विकसित किया जा रहा है। इस बोर्ड पर निर्धारित मानकों के आधार पर कर्मचारियों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग लाइव प्रदर्शित की जाएगी। खास बात यह है कि यह व्यवस्था केवल राज्य मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जिला और खंड (ब्लॉक) स्तर तक लागू किया जाएगा। इस ऑनर बोर्ड पर जहां शानदार काम करने वाले ईमानदार कर्मचारियों की तारीफ होगी, वहीं खराब और कमजोर प्रदर्शन करने वाले बाबुओं और अफसरों की रैंकिंग भी सार्वजनिक रूप से दिखेगी।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
अक्सर सरकारी दफ्तरों में आम आदमी को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं क्योंकि कर्मचारियों के काम की कोई रीयल-टाइम मॉनिटरिंग नहीं होती। नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता में बड़ा सुधार आएगा। जब कर्मचारियों को पता होगा कि उनके हर काम की रैंकिंग सीधे मुख्य सचिव की नजर में है, तो दफ्तरों में फाइलों का रुकना बंद होगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंचेगा और जवाबदेही तय होने से भ्रष्टाचार तथा लेटलतीफी पर लगाम कसेगी।
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