Haryana voluntary blood donation record : हरियाणा ने लगातार तीसरे वर्ष स्वैच्छिक रक्तदान में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी मजबूती साबित की है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से तय 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले राज्य ने 5.89 लाख यूनिट रक्त संग्रह किया, जो लक्ष्य से करीब 78 फीसदी अधिक है। प्रदेश ने 2,000 शिविरों के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए कुल 8,189 रक्तदान कैंप आयोजित किए और 92 फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान दर हासिल की।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रति दस लाख आबादी पर सर्वाधिक रक्तदान (Haryana ranks first in blood donation) दर्ज करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। यह सम्मान नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर हरियाणा राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल को प्रदान किया गया।
देश का पहला ब्लड सेंटर आपदा प्रबंधन प्लान
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के ब्लड सेंटर्स (voluntary blood donation rate Haryana) के लिए अपनी तरह का पहला आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया है। इस विशेष योजना का मुख्य उद्देश्य किसी भी बड़ी आपातकालीन स्थिति, प्राकृतिक आपदा या महामारी के दौरान अस्पतालों में रक्त की सुरक्षित और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना है।
राज्य में इस समय 162 ब्लड सेंटर सक्रिय हैं, जिनमें से 92 फीसदी केंद्रों में कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू मरीजों और बीपीएल श्रेणी के गंभीर रोगियों के लिए 12 सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विशेष अभियानों से जुटाया गया रिकॉर्ड रक्त
राज्यव्यापी अभियानों ने इस बड़े संग्रह में अहम भूमिका निभाई है। सामान्य राज्यव्यापी डोनेशन ड्राइव के जरिए 10,183 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसके अलावा, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस से जुड़े विशेष अभियानों में 40,224 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया गया। वहीं, ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष शिविर लगाए गए।
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निस्वार्थ सेवा से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस सफलता का श्रेय ब्लड सेंटर (blood center disaster management plan) टीमों, स्वैच्छिक रक्तदाताओं, युवा संगठनों, एनजीओ और रेड क्रॉस सोसाइटी को दिया। उन्होंने कहा कि असली सेवा का पैमाना वह बदलाव है, जो चुपचाप लोगों की जिंदगी बचाता है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज की सदस्य सचिव डॉ. मुक्ता कुमार और सभी ब्लड सेफ्टी टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान जारी रखने की अपील की। #HaryanaNews #BloodDonation #HealthNews #HaryanaHealth #NationalRecord












