चंडीगढ़ (Haryana Singapore Investment 2026)। हरियाणा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सिंगापुर दौरा (Nayab Singh Saini Singapore visit) 5,500 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरे में वैश्विक कंपनियों और संस्थानों ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, जल प्रबंधन प्रणालियों और तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए निवेश प्रस्तावों पर आधिकारिक सहमति व्यक्त की। इस पूंजी निवेश का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आधुनिक बुनियादी ढांचे और रोजगार के माध्यम से मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को केवल आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सीधा जुड़ाव, मजबूत सड़क नेटवर्क और सुगम प्रशासनिक प्रक्रियाएं हरियाणा को उद्योगपतियों की पहली पसंद बनाती हैं।
निवेश कहां और कितना?
Haryana 5500 crore investment : समझौता ज्ञापनों के तहत सर्वाधिक 3,000 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य एवं वेलनेस क्षेत्र के लिए तय की गई है। इसके अतिरिक्त, सिंगापुर की आधुनिक तकनीकों के आधार पर जल शोधन एवं प्रबंधन के लिए 1,500 करोड़ रुपये और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वस्थ समाज ही किसी भी राज्य के आर्थिक विकास का आधार बनता है। प्रस्तावित पूंजी निवेश से प्रदेश के विभिन्न जिलों में अत्याधुनिक अस्पताल, उच्च स्तरीय जांच केंद्र और आधुनिक वेलनेस इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही नागरिकों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
जल संकट से निपटने के लिए क्या योजना है?
औद्योगिक कचरे और शहरी जल निकासी (Singapore water management Haryana) की चुनौतियों से निपटने के लिए सिंगापुर की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग (रीयूज) की प्रणालियां और स्मार्ट मॉनिटरिंग नेटवर्क तैयार किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि जल सुरक्षा भविष्य की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इस तकनीकी साझेदारी से राज्य के भूजल स्तर को बचाने और औद्योगिक इकाइयों में पानी की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी।
युवाओं को रोजगार और कौशल कैसे मिलेगा?
शिक्षा और कौशल विकास के लिए निर्धारित 1,000 करोड़ रुपये से आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र और डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म स्थापित होंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल अकादमिक डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी दक्षता देना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ लक्ष्य को पूरा करने में यह कदम निर्णायक साबित होगा। संबंधित प्रशासनिक विभागों को इन निवेश प्रस्तावों को तुरंत स्वीकृतियां दिलाकर धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। #HaryanaInvestment #NayabSinghSaini #HaryanaNews












