Haryana wrestler: Anil Mor of Haryana created history by achieving golden success in Greco-Roman wrestling: हिसार के छोटे से गांव बास से एक ऐसी कहानी उभरकर सामने आई है, जो हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर देगी। अनिल मोर, एक साधारण किसान परिवार से आने वाले युवा पहलवान, ने उलानबाटार ओपन 2025 कुश्ती चैंपियनशिप में 55 किलोग्राम ग्रीको रोमन वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
किर्गिस्तान के मुराटबेक उलु को पिन फॉल से हराते हुए अनिल ने न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे भारत का नाम विश्व पटल पर चमकाया। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के दम पर छोटे से गांव का युवा भी बड़े सपनों को सच कर सकता है।Haryana wrestler
रोहतक के गुरु मेहर सिंह अखाड़ा में कोच रणबीर सिंह ढाका के मार्गदर्शन में अनिल ने अपनी कुश्ती की कला को निखारा। खेतों में अपने पिता के साथ काम करने वाले इस युवा ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
इससे पहले, अनिल ने नॉर्डिक सिस्टम चैंपियनशिप में अपने सभी चार मुकाबलों में जीत हासिल की थी। उनकी उपलब्धियों की सूची में एशियाई चैंपियनशिप 2019 में रजत पदक, खेलो इंडिया यूथ गेम्स में दो स्वर्ण पदक और जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2024-25 में दो स्वर्ण पदक शामिल हैं। यह गोल्ड मेडल हरियाणा के लिए सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ग्रीको रोमन वर्ग का पहला स्वर्ण है, जो इसे और भी खास बनाता है।
जब अनिल स्वर्ण पदक के साथ अपने गांव लौटे, तो उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। मुंढाल से बास गांव तक खुली जीप में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ ग्रामीणों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस मौके पर नारनौंद विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था, और उन्होंने अनिल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा, “एक किसान परिवार से आने वाले अनिल ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और प्रतिभा के आगे कोई बाधा नहीं टिकती।”
इस जीत ने गांव में एक नई मांग को जन्म दिया है। विधायक ने बास गांव में स्टेडियम निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनने से गांव के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का और बेहतर मौका मिलेगा। अनिल की इस उपलब्धि ने न केवल खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।











