Haryana’s daughter Gunjan’s dream, her talent will shine in PT Usha Academy: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के छोटे से गांव धंतौड़ी की गुंजन ने अपने जुनून और मेहनत से एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। देश की मशहूर धाविका पीटी उषा की अकादमी में ट्रेनिंग के लिए उनका चयन हुआ है।
अब केरल में होने वाली 800 मीटर की रेस में गुंजन अपनी प्रतिभा का परचम लहराने को तैयार हैं। यह अकादमी ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करती है, और गुंजन को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। आइए, जानते हैं उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
मेहनत और समर्पण की मिसाल PT Usha Academy
गुंजन की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, कोच चांद राम का मार्गदर्शन और पिता प्रदीप कुमार का अटूट समर्थन है। हरियाणा खेल विभाग में प्रशिक्षक चांद राम पिछले तीन साल से गुंजन को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उनकी कोचिंग ने गुंजन की प्रतिभा को निखारा और उन्हें इस ऊंचाई तक पहुंचाया। दूसरी ओर, गुंजन के पिता हर सुबह और शाम उन्हें गांव से कुरुक्षेत्र के द्रोणाचार्य स्टेडियम तक प्रैक्टिस के लिए ले जाते हैं। यह समर्पण और पारिवारिक सहयोग गुंजन की सफलता की नींव बना।
पीटी उषा अकादमी: सपनों का नया पड़ाव
पीटी उषा अकादमी में चयन गुंजन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। यह अकादमी अपने विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाओं के लिए जानी जाती है।
यहां गुंजन को आधुनिक तकनीकों, विशेषज्ञ कोचों और पोषण संबंधी मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। 800 मीटर की रेस में हिस्सा लेते हुए वे न केवल अपनी प्रतिभा को साबित करेंगी, बल्कि भविष्य में ओलंपिक जैसे मंचों पर देश का नाम रोशन करने की तैयारी भी करेंगी।
कोच और परिवार का विश्वास
गुंजन का कहना है कि उनकी इस कामयाबी का पूरा श्रेय उनके कोच और पिता को जाता है। कोच चांद राम का मानना है कि गुंजन का जुनून और अनुशासन ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया।
वे कहते हैं, “गुंजन की मेहनत ने न केवल उसे इस ऊंचाई तक पहुंचाया, बल्कि नर्सरी में प्रशिक्षण ले रहे अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनी है।” चांद राम को यकीन है कि गुंजन का प्रदर्शन शानदार रहेगा और वह देश के लिए मेडल जरूर लाएगी।
जिला खेल अधिकारी की उम्मीदें
कुरुक्षेत्र के जिला खेल अधिकारी (DSO) मनोज कुमार ने भी गुंजन की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “गुंजन की मेहनत और लगन ने उन्हें पीटी उषा अकादमी तक पहुंचाया।
हमें पूरा भरोसा है कि वह अपनी प्रतिभा से देश का गौरव बढ़ाएगी।” गुंजन की इस सफलता ने न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
गुंजन की प्रेरणादायक कहानी
गुंजन की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों या गांवों से निकलकर बड़े सपने देखता है। उनकी मेहनत, कोच का मार्गदर्शन और परिवार का साथ साबित करता है कि सही दिशा और समर्पण के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
गुंजन का यह सफर न केवल खेल के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरित करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि मेहनत और जुनून के बल पर कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।
भविष्य की राह
गुंजन अब अपने अगले पड़ाव की तैयारी में जुटी हैं। पीटी उषा अकादमी में मिलने वाला प्रशिक्षण उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार करेगा। उनके कोच, परिवार और जिला प्रशासन को यकीन है कि गुंजन जल्द ही देश के लिए मेडल लेकर आएंगी। उनकी यह कहानी हमें सिखाती है कि सपने कितने भी बड़े हों, मेहनत और विश्वास के साथ उन्हें हासिल किया जा सकता है।











