Rohtak News, रोहतक : लगातार हो रही बरसात व ड्रेनों के ओवरफ्लो होने के कारण कई गांवों के खेत पहले ही डूब चुके हैं। अब बढ़े जलस्तर के कारण कलानीर व महम क्षेत्र के 15 गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है। गांव की बाहरी बस्तियों में बने घरों में पानी घुस चुका है। निकासी का पानी ड्रेन में डाले जाने के कारण आंवल- काहनौर लिंक ड्रेन ओवरफ्लो हो गई है।
इससे कलानौर क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए हैं। आने वाले समय में यदि और बरसात होती है तो पानी लोगों के घरों में घुस जाएगा। इसी तरह से पानी की निकासी न होने और साथ में हो रही बरसात के कारण महम क्षेत्र 5-6 गांवों में पानी गलियों तक पहुंच गया है। लगातार बरसात के कारण कई गांवों में घरों में दरारें आ गई है और अब लोग भय के साये में दिन-रात काट रहे हैं।
राहत की बात यह है कि शहर में किसी भी कॉलोनी में अभी तक जलभराव की स्थिति नहीं है। वहीं ड्रेन नंबर 8 में अब भी क्षमता से 300 क्यूसिक (1600 क्यूसिक) कम पानी बह रहा है, लेकिन ड्रेन का जलस्तर लगातार बढ़ना चिंता का कारण बना हुआ है। जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बुधवार को सरकारी व प्राइवेट स्कूलों की आगामी आदेशों तक छुट्टी करने के आदेश जारी किए हैं।
लगातार बरसात से खेतों में बढ़ रहा जलस्तर
ड्रेन नंबर-8 में उगी जलकुंभी बन रही पानी निकासी में बाधा ड्रेन नंबर-8 की सफाई न होने का खामियाजा अब भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि ट्रेन में काफी मात्रा में जलकुंभी उगी है पानी की मात्रा बढ़ते ही जलकुंभी ऊपर आ गई है, जो पानी के बहाव में भी बाधा बन रही है। यदि ड्रेन में पानी की मात्रा और बढ़ेगी तो यही जलकुंभी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
गांवों में गलियों के किनारे पहुंचा पानी
कलानौर क्षेत्र के पटवापुर, माड़ौदी, आंवल, भाली, डोभ, लाहली, ज़िंदरान, गढ़ी, निगाना सहित कई गांव पानी से घिर गए हैं। गांवों में बने तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। खेतों में कई-कई फीट पानी भरा होने के कारण पशुओं के लिए चारे संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह से महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, भैणी महाराजपुर, सैमाण गांव में स्थिति लगातार खराब हो रही है।
निकासी न हो पाने और लगातार बरसात से पानी गांवों की गलियों में घुसने के कगार पर है। अधिकारी बिना अनुमति के नहीं छोड़ेगा मुख्यालय डीसी डीसी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सचिन गुप्ता बहु अकबरपुर, बनियानी, पटवापुर, कलानौर ग्रामीण व कलानौर शहरी का निरीक्षण किया।
लोग किसी भी बाद संबंधी स्थिति या सहायता के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें नागरिक एवं राहत कार्य के लिए नगर निगम/ समितियां, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, एचएसबीपी और पीएचईडी के कर्मचारी अलर्ट पर रहेंगे औरनालों की सफाई, बाढ़ का पानी निकालने व तटबंधों की सुरक्षा करेंगे। आपातकालीन व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गांवों में मोबाइल चिकित्सा इकाइयां तैनात करेगा। सभी विभागाध्यक्ष मुख्यालय पर रहेंगे। कोई भी अधिकारी पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
अरुण गुंजात, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, रोहतक ने बताया कि ड्रेन नंबर-8 में फिलहाल 1500-1600 क्यूसिक पानी बह रहा है। इसकी क्षमता 1900-2000 क्यूसिक की है। ड्रेन के कहीं से भी टूटने का कोई खतरा नहीं है। ड्रेन में आने वाले दिनों में पानी कम होने की संभावना है। यदि और बरसात होती है तो फिर पानी का स्तर और बढ़ सकता है।
21.4 एमएम बरसे बदरा आज भी बारिश की संभावना
बुधवार को सुबह से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। जिले के अलग-अलग हिस्सों में कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश हुई। जिले में औसत 21.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जिससे तापमान में गिरावट आई। कलानौर में 38 एमएम, लाखनमाजरा में 5, सांपला में 31, रोहतक में 10 और महम में 23 एमएम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि गुरुवार को तेज बारिश होगी। इसमें 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चल सकती है। जबकि 5 से लेकर 7 सितंबर तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।













