Sonipat News, (सोनीपत) : सोनीपत में नगर निगम का नया भवन बनवाने में 58 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अभी भी 15% काम अधूरा है। अब निगम ने बाकी काम पूरा करने के लिए 28 करोड़ रुपये और मांगे हैं। इस मामले की जांच के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 25 जुलाई 2025 को चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी, जो खर्च और काम की गुणवत्ता की पड़ताल कर रही है। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी रिकॉर्ड न मिलने से जांच पूरी नहीं हुई। कमेटी को अभी 2-3 हफ्ते और लगेंगे। इस देरी की वजह से भवन का काम भी रुका हुआ है।
जांच में क्या हो रहा है?
कमेटी भवन निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड, बजट खर्च, समय-समय पर बढ़ी डेडलाइन और देरी के कारणों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि मांगा गया 28 करोड़ का बजट उचित है या नहीं। कमेटी के चेयरमैन विजय ढाका ने बताया कि रिकॉर्ड जुटाने में समय लग रहा है, और रिपोर्ट फाइनल करने में 2-3 हफ्ते और लगेंगे। इसके बाद ही मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
अधिकारी बिखरे हुए, जनता परेशान
नगर निगम के अधिकारी चार अलग-अलग जगहों पर बैठते हैं। आयुक्त और मेयर रेलवे रोड के पुराने भवन में, इंजीनियरिंग विंग सेक्टर-23 के फायर ऑफिस में (4 किमी दूर), हॉर्टिकल्चर विंग सेक्टर-3 के फायर ऑफिस में (6 किमी दूर), और बिल्डिंग ब्रांच मॉडल टाउन में (1 किमी दूर) है। पुराने भवन में न पार्किंग है, न ही लोगों के बैठने की जगह। एक कमरे में दो-दो अधिकारी काम करते हैं। इससे लोगों को काम कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
मुख्यमंत्री के आदेश का इंतजार
मुख्यमंत्री ने नगर निगम और SMDA के अधिकारियों को एक छत के नीचे लाने का आदेश दिया था, ताकि शहर का विकास तेज हो और लोगों को सुविधा मिले। लेकिन नया भवन अधूरा होने से यह मुमकिन नहीं हो पा रहा। 2018 में शुरू हुए इस 5 मंजिला भवन के लिए पहले 52 करोड़ का बजट था, जो बढ़कर 58 करोड़ हो गया। फिर भी काम रुका हुआ है। अब 28 करोड़ और चाहिए।












