Sonipat News Haryana jail scam Took Rs 29 lakh, did not return dog, FIR against Chandigarh firm: हरियाणा जेल घोटाला (Haryana Jail Scam) ने सबको चौंका दिया है! हरियाणा की जेलों में नशा और मोबाइल जैसी गैरकानूनी चीजों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों (Detection Dog) की सप्लाई का ठेका लिया गया, लेकिन इसमें बड़ी धांधली हो गई।
चंडीगढ़ की एक फर्म ने 29 लाख रुपये ठगे, और ट्रेनिंग के लिए भेजा गया कुत्ता 19 महीने बाद भी वापस नहीं किया! सोनीपत जेल के अधीक्षक की शिकायत पर अब फर्म के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। आखिर ये पूरा मामला क्या है? आइए, इस घोटाले की परतें खोलते हैं और समझते हैं कि कैसे हरियाणा जेल विभाग को चूना लगाया गया।
Sonipat News: घोटाले की शुरुआत कैसे हुई?
2020 में पंजाब होम गार्ड्स कैनाइन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ने हरियाणा की 9 जेलों के लिए 23 प्रशिक्षित डिटेक्शन डॉग्स (Detection Dog) सप्लाई करने का प्रस्ताव दिया। इन कुत्तों का काम था जेलों में नशा और मोबाइल जैसी चीजों को सूंघकर पकड़ना।
चंडीगढ़ की फर्म ‘ई एस डी नेटवर्क इंडिया’ को 13 कुत्तों की सप्लाई का जिम्मा मिला। हर कुत्ते के लिए 2.25 लाख रुपये और दो कुत्तों के लिए 5 साल तक फीड व मेडिकल खर्च (Dog Maintenance) के लिए 8500 रुपये प्रतिमाह दिए गए। कुल 29.25 लाख का भुगतान हुआ, लेकिन फर्म ने न तो पूरी जिम्मेदारी निभाई और न ही एक कुत्ता वापस किया।
कुत्ता गया, लेकिन लौटा नहीं!
जनवरी 2021 में एक कुत्ता ट्रेनिंग (Dog Training) के लिए फर्म को भेजा गया। 19 महीने बीत गए, लेकिन कुत्ता न तो लौटा और न ही फर्म ने कोई जवाब दिया। जेल विभाग ने बार-बार संपर्क किया, लेकिन कोई फायदा नहीं। हरियाणा के जेल महानिदेशक ने 2023 से 2025 तक 5 बार पत्र लिखे, पर फर्म ने टालमटोल की।
जुलाई 2024 में फर्म ने कहा कि 7 दिन में कुत्ता डिप्लॉय होगा, बशर्ते 1.80 लाख का भुगतान हो। विभाग ने पैसे दिए, लेकिन कुत्ता फिर भी गायब! ये साफ था कि फर्म ने धोखाधड़ी (Fraud Case) की।
फर्म पर क्या हैं आरोप?
जेल विभाग का कहना है कि फर्म ने जानबूझकर कुत्ते को अपने पास रखा, जो आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। सोनीपत जेल अधीक्षक राजेंद्र सिंह की शिकायत पर थाना शहर सोनीपत में फर्म के निदेशक सिमरत पाल सिद्धू और उनकी कंपनी के खिलाफ धारा 314, 316(2) BNS के तहत FIR दर्ज हुई।
जांच ASI सुनील को सौंपी गई है, और कागजात PP कोर्ट कॉम्प्लेक्स, सोनीपत भेजे गए हैं। विभाग का कहना है कि फर्म ने जेल की संपत्ति को गलत तरीके से हड़प लिया।
अब क्या होगा?
हरियाणा जेल घोटाला (Haryana Jail Scam) ने जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोनीपत पुलिस अब इस मामले की तह तक जाएगी। फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। जेलों में नशा और मोबाइल की तस्करी रोकने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों की जरूरत थी, लेकिन इस घोटाले ने योजना को झटका दिया।
अगर आप भी इस मामले पर नजर रखना चाहते हैं, तो पुलिस जांच के अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें। ये घोटाला न सिर्फ पैसे की बर्बादी है, बल्कि जेल सुधारों पर भी एक दाग है।











