हरियाणा सरकार ने राज्य पुलिस में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए 7310 नए पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी है। इस संबंध में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को औपचारिक मांग भेज दी गई है, ताकि भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जा सके। यह फैसला विधानसभा सत्र के दौरान सामने आया, जहां पुलिस बल में रिक्त पदों और कानून व्यवस्था पर उनके असर को लेकर सवाल उठे थे।
क्यों जरूरी थी यह भर्ती
हरियाणा जैसे तेजी से शहरीकरण कर रहे राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य पुलिस में 25,631 पद फिलहाल खाली हैं। इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने से थानों पर काम का दबाव बढ़ा है और जांच प्रक्रियाओं में भी देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित भर्ती न होने से पुलिस बल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ता है।
सरकार और विधानसभा में क्या चर्चा हुई
विधानसभा सत्र के दौरान रानिया से विधायक अर्जुन चौटाला ने सरकार से सवाल किया कि
राज्य में पुलिस के स्वीकृत पद कितने हैं
जिलावार और श्रेणीवार कितनी रिक्तियां हैं
इन पदों को भरने की समय सीमा क्या होगी
इसके जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस विभाग की मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा सदन में रखा।
हरियाणा पुलिस में स्वीकृत और खाली पदों की स्थिति
कुल स्वीकृत पद
कुल पद: 84,765
वर्दीधारी पद: 79,063
गैर वर्दीधारी पद: 5,702
कुल खाली पद
कुल रिक्तियां: 25,631
वर्दीधारी: 23,189
गैर वर्दीधारी: 2,442
वर्दीधारी संवर्ग में कहां कितनी कमी
मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार
हरियाणा पुलिस सेवा: 357 में से 70 पद खाली
निरीक्षक: 1309 में से 142 पद खाली
उप निरीक्षक: 4953 में से 1051 पद रिक्त
सहायक उप निरीक्षक: 7788 में से 1106 पद खाली
मुख्य सिपाही: 13597 में से 6872 पद रिक्त
सिपाही: 51059 में से 13948 पद खाली
ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर पुलिस बल की कमी सबसे ज्यादा है।
गैर वर्दीधारी और तकनीकी विभागों की स्थिति
सिर्फ थानों में ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक इकाइयों में भी स्टाफ की भारी कमी है
फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी: 684 में से 538 पद खाली
मिनिस्टीरियल स्टाफ: 803 में से 231 पद रिक्त
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: 4215 में से 1673 पद खाली
कानूनी मामलों में फॉरेंसिक रिपोर्ट की भूमिका अहम होती है, ऐसे में FSL में इतनी बड़ी कमी को विशेषज्ञ गंभीर मान रहे हैं।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था
जब तक स्थायी भर्ती पूरी नहीं होती, तब तक सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं
11,052 विशेष पुलिस अधिकारी तैनात
10,196 होम गार्ड स्वयंसेवक सक्रिय
पूर्व पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी राहत तो देती है, लेकिन स्थायी समाधान केवल नियमित भर्ती से ही संभव है।
भर्ती से युवाओं और राज्य को क्या फायदा होगा
लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर
थानों में स्टाफ की कमी कम होगी
अपराध जांच और कानून व्यवस्था में सुधार
फॉरेंसिक और प्रशासनिक कार्यों में तेजी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रही, तो इसका असर सीधे जनता के भरोसे पर दिखेगा।
आगे क्या होगा
अब गेंद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पाले में है। उम्मीद की जा रही है कि
जल्द नोटिफिकेशन जारी होगा
चरणबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया होगी
लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण तय समय में पूरे किए जाएंगे











