Wing Commander Vyomika Singh : हरियाणा के भिवानी जिले के बापोड़ा गांव की बहू और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और उपलब्धियों से देशभर में मिसाल कायम की है। ऑपरेशन सिंदूर (Vyomika Singh Operation Sindoor) की आधिकारिक प्रेस वार्ता में देश को सैन्य कार्रवाई का ब्यौरा देने वाली व्योमिका के नाम 2,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव दर्ज है।
Who is Wing Commander Vyomika Singh : हरियाणा के भिवानी स्थित ऐतिहासिक बापोड़ा गांव की बहू और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह देश की रक्षा पंक्ति में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। मई 2025 में सीमा पार आतंकी ठिकानों पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की संयुक्त सैन्य ब्रीफिंग में उन्होंने देश के सामने ऑपरेशनल विवरण रखा था। उनके पति दिनेश सिंह सभ्रवाल भी भारतीय वायुसेना में बतौर विंग कमांडर सेवारत हैं।
बचपन की उड़ान का संकल्प
लखनऊ की मूल निवासी व्योमिका सिंह के पिता आरएस निम हैं। छठी कक्षा में जब उन्हें ज्ञात हुआ कि ‘व्योम’ का अर्थ आकाश होता है, तभी से उन्होंने आसमान नापने की ठान ली थी।
स्कूल के दौरान उन्होंने नेशनल कैडेट कोर में सक्रिय भागीदारी निभाई। बीटेक पूरा करने के बाद उन्होंने वायुसेना अकादमी डुंडीगल से कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्ष 2004 में वायुसेना में शामिल हुईं।
कठिन मोर्चों पर लंबा तजुर्बा
व्योमिका सिंह ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के जटिल पहाड़ी क्षेत्रों में चेतक व चीता हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए सेवाएं दी हैं। वर्ष 2017 में विंग कमांडर बनीं और 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन प्राप्त किया।
वर्तमान में उनके पास 2,500 घंटे से अधिक की उड़ान का मजबूत रिकॉर्ड है। उन्होंने वर्ष 2020 में अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में नागरिक बचाव मिशन का सफल नेतृत्व किया था। इसके अलावा 2021 में वह 21,650 फीट ऊंचे माउंट मणिरंग पर्वतारोहण दल का भी हिस्सा रहीं।
ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय पहचान
मई 2025 में पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ठिकानों पर हुई भारतीय सैन्य कार्रवाई के बाद आयोजित आधिकारिक संयुक्त प्रेस वार्ता में व्योमिका सिंह प्रमुख चेहरे के तौर पर सामने आईं।
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विदेश सचिव और कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ उन्होंने पूरे ऑपरेशन की रणनीतिक जानकारी साझा की। वह अपने पूरे मायके परिवार से सशस्त्र बलों में सेवा देने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।
वीरों की भूमि बापोड़ा का मान
लगभग 20 हजार की आबादी वाले बापोड़ा गांव (Bapora village Haryana defense history) से दो हजार से अधिक सेवारत व पूर्व सैनिक आते हैं। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का संबंध भी इसी गांव से है, जिसके प्रवेश द्वार पर लगा टी-55 टैंक यहां के शौर्य का प्रतीक है।
उनकी जेठानी संतोष देवी और परिजन डॉ. अशोक, ईश्वर सिंह व एडवोकेट रामौतार सभ्रवाल ने कहा कि व्योमिका की यह कामयाबी गांव की अन्य बेटियों को उच्च शिक्षा और रक्षा सेवाओं में जाने की मजबूत प्रेरणा दे रही है। #VyomikaSingh #IndianAirForce #HaryanaNews













